निकाय चुनाव का बिगुल बजने जा रहा है। ऐसे में प्रदेश के संवेदनशील शहरों में शामिल अपने शहर में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका बन जाती है। यहां का चुनाव हमेशा धार्मिक ध्रुवीकरण के आधार पर होता रहा है। कहने को शहर में धारा 144 लागू है। चुनाव को लेकर विशेष अलर्ट भी है। इस सबके अलावा सोशल मीडिया पर और फील्ड में खुफिया टीमों ने निगरानी बढ़ा दी है। थाना वार हर सूचना का संज्ञान लिया जा रहा है। खुराफातियों को चिह्नित कर सूचीबद्ध किया जा रहा है।
शहर में चुनाव धार्मिक ध्रुवीकरण के आधार पर होता है। यहां छोटी-छोटी बातों को तूल दिया जाता है। इसी क्रम में पिछले दिनों देहली गेट की घटना मानी गई है। सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर पर लगातार निगरानी जारी है। जिले के रहने वाले किसी भी एकाउंट होल्डर और जिले से जुड़े किसी भी तथ्य पर होने वाली टीका-टिप्पणी पर तत्काल संज्ञान लिया जा रहा है। अब एसएसपी स्तर से कह दिया गया है कि अगर कोई पोस्ट विवादित है और जानबूझकर माहौल बिगाड़ने या किसी को उकसाने, भड़काने के उद्देश्य से की गई है तो तत्काल बिना जांच एकाउंट होल्डर पर मुकदमा दर्ज किया जाए।
इसी तरह एलआईयू की टीमों को थाना वार काम पर लगा दिया गया है। वे शहरी क्षेत्र व आसपास के प्रमुख कस्बों में माहौल भांपने, लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने, छोटी छोटी घटनाओं की सूचनाएं संकलित करने और किसी भी घटना पर उसके कारण व कारक तक पहुंचने का काम कर रही हैं। इनपुट सीधे वरिष्ठ अधिकारियों को दिया जा रहा है। फिर उसी अनुसार आगे कार्रवाई की जा रही है।
चुनावी तैयारियां शुरू हो गई हैं। थाना वार पुलिस टीमें अपने काम में लगी हैं। शहर की संवेदनशीलता को देखते हुए सोशल मीडिया को अलग और खुफिया टीमों को अलग लगाया गया है। किसी की वजह से अगर शहर में कोई घटना होती है और कोई साजिशकर्ता के रूप में उजागर होता है तो उसे भी कार्रवाई भुगतनी होगी। चुनाव को लेकर किसी को माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं होगी। -कलानिधि नैथानी, एसएसपी
सभी दलों में दावेदार सक्रिय, शुरू की भागदौड़
अलीगढ़। चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के साथ एक बार फिर दावेदार सक्रिय हो गए हैं। सभी ने भागदौड़ शुरू कर दी है। अब आने वाला समय ही बताएगा कि सफल कौन होगा। बात भाजपा से शुरू करें तो यहां पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों के साथ-साथ संघ के पदाधिकारियों और प्रदेश स्तर तक पर दावेदार दौड़ लगाने लगे हैं। मेयर, नगर पालिका अध्यक्ष, नगर पंचायत अध्यक्ष व पार्षद पद के लिए सभी दावेदार अपने प्रयास कर रहे हैं। जिले में दो तीन खेमों में बंटकर दावेदार प्रयास कर रहे हैं। इसी तरह सपा में जिला मुख्यालय से लेकर प्रदेश स्तर तक पर लोगों ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। कमोबेश यही स्थिति बसपा में है। अभी कांग्रेस में ऐसे हालात नजर नहीं आ रहे हैं। पार्षदों के दावेदारों ने मोहल्ले में सक्रियता शुरू कर दी है। हर छोटी बड़ी बात पर पार्षद पद के दावेदार लोगों से जुड़ने का प्रयास कर रहे हैं।