प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लगातार प्रयासरत सरकार डॉक्टरों की कमी नहीं दूर कर पा रही है। वहीं, मुख्यमंत्री ने 48 घंटे तक इमरजेंसी में निशुल्क उपचार का आदेश दिया है, मगर यहां डॉक्टरों की कमी से स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट मंडरा रहा है। आलम ये है कि डॉक्टरों के तबादले के बाद उनके कार्यमुक्त आदेश आने पर जिला अस्पताल में व्यवस्था बेपटरी होने की कगार पर है। ऐसे में यहां से डॉक्टर कार्यमुक्त नहीं किए जा रहे। दीनदयाल अस्पताल से डॉक्टरों को कार्यमुक्त कर उन्हें जाने के लिए स्वतंत्र कर दिया गया है। अब जैसे-तैसे अस्पताल संचालन की व्यवस्था का दावा किया जा रहा है।
जिला अस्पताल की स्थिति
मलखान सिंह जिला अस्पताल में पहले से 33 डॉक्टरों के सापेक्ष मात्र 17 डॉक्टर थे। इनमें से अब सर्जन डॉ. राम बिहारी, एनेस्थेटिक डॉ. इकरार व डॉ. चरन सिंह, फिजीशियन डॉ. एसके वर्मा, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. निर्मल का तबादला हो गया है। इमरजेंसी देख रहे ईएमओ डॉ. नाजिर का भी तबादला हुआ है। इनमें से सिर्फ डॉ. चरन सिंह को कार्यमुक्त किया गया है। सीएमएस डा.ईश्वर देवी बत्रा बताती हैं कि आदेश आ गया है, मगर अन्य किसी डॉक्टर को कार्यमुक्त नहीं किया गया है। शासन व निदेशालय स्तर पर तीन दिन पहले पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है कि पहले डॉक्टर यहां भेजे जाएं। वे कहती हैं कि अगर ये डॉक्टर चले गए तो सर्जन, फिजिशियन बिना अस्पताल चलाना संभव नहीं होगा। फिलहाल एक डॉक्टर के सहारे इमरजेंसी जैसे-तैसे चलाई जा रही है। हर दिन 1500 से 2000 की ओपीडी है।
दीनदयाल अस्पताल की स्थिति
दीनदयाल संयुक्त अस्पताल में पहले से 18 नियमित व 14 संविदा डॉक्टर तैनात हैं, जिनमें से 8 डॉक्टरों में डॉ. गयास खां, डॉ. श्वेता, डॉ. रश्मि, डॉ. अमित, डॉ. एसके सिंघल, डॉ. एसके उपाध्याय, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. जेएम शर्मा व डॉ. वंदना पांडेय का तबादला हो गया है, जिसकी वजह से ओपीडी सेवाओं पर सोमवार को असर दिखाई दिया। सीएमएस डॉ.अनुपम भाष्कर बताते हैं कि इन डॉक्टरों को कार्यमुक्त का आदेश दे दिया गया है। अब वे जाने के लिए स्वतंत्र हैं। इनके जाने से कॉर्डियोलॉजी, नेत्र, दंत व रेडियोलॉजी विभाग के संचालन पर सीधा असर पड़ेगा। वे बताते हैं कि अब कम संसाधनों व स्टाफ में जैसे तैसे अस्पताल संचालन की व्यवस्था की जाएगी।
ये है जिले के अस्पतालों की तस्वीर
जिले की सीएचसी, पीएचसी, पोस्टमार्टम, इमरजेंसी ड्यूटी, वीआईपी ड्यूटी के लिए 217 डॉक्टरों के सापेक्ष 61 डॉक्टर तैनात थे, जिनमें से 18 के तबादले हो गए हैं। चार जिले से जा चुके हैं। बाकी को भी जाना ही होगा। ऐसे में सीएचसी संचालन पर भी संकट होगा।
---
- स्वास्थ्य महकमे में तबादले के बाद अब कार्यमुक्त का आदेश आ गया है। इसको लेकर उच्च स्तर पर वार्ता जारी है। अगर जल्द नई तैनाती नहीं हुई तो बड़ा संकट हो सकता है। प्रयास हैं कि जल्द इस समस्या का समाधान हो। - डॉ. नीरज त्यागी, सीएमओ
--ये हैं हालात--
- 33 डॉक्टरों की जरूरत वाले जिला अस्पताल में थे 17 डॉक्टर, 6 के तबादले हुए
- 217 डॉक्टरों की जरूरत जिले भर में, अब तक 61 डॉक्टर थे, 18 के तबादले हुए
- 18 नियमित और 14 संविदा डॉक्टरों के सहारे दीनदयाल अस्पताल, 8 के तबादले