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Aligarh News: अभी बिगड़ेगा मौसम, बारिश के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी

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सारसौल में बारिश से खराब हुई गेहूं की फसल।  - फोटो : samvad
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पश्चिमी विक्षोभ पैदा होने से जिले में बारिश के चलते मौसम पूरी तरह से बदल गया है। इससे अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई हैं। मौसम विभाग ने 25 मार्च तक मौसम के खराब रहने एवं बारिश के साथ ओलावृष्टि होने की चेतावनी जारी की है।
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हालांकि मंगलवार को थोड़ी गनीमत रही। बादल जरूर छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। इधर जिला प्रशासन ने बारिश एवं ओलावृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे कराकर उसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। प्रशासन ने 10 से 12 फीसद नुकसान का आंकलन किया है। ऐसे में शासन के मानकों पर जिले के किसान मुआवजे के दायरे में आते नहीं दिख रहे हैं। शासन से 33 फीसद से अधिक नुकसान होने पर ही मुआवजे का निर्धारण होता है। मौसम का बदला मिजाज किसानों के लिए बड़ी मुसीबत लेकर आया है।




जिले में कई जगहों पर बारिश एवं ओलावृष्टि के साथ तेज हवाओं की वजह से खेतों में खड़ी गेहूं एवं सरसों की फसलों का काफी नुकसान पहुंचा है। देहात क्षेत्र के इगलास, जवां, अतरौली क्षेत्र में तेज बारिश से गेहूं की फसलें बिछ गई हैं। इसके अलावा गभाना, चंडौस, पिसावा, लोधा, बरला, अकराबाद, हरदुआगंज, दादों, छर्रा में बारिश से किसानों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। यहां बारिश के चलते आसमान में तेज हवाएं चलने से गेहूं की फसल गिरने से फसल को नुकसान हो रहा है तो सरसों की कटी फसल बारिश में भीग गई है। कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो इस बारिश के कारण किसानों को सभी प्रकार की फसलों में काफी नुकसान पहुंचा है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 23.8 रहा जो सामान्य से आठ कम रहा। न्यूनतम तापमान 17 रहा जो सामान्य से एक कम रहा।
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इगलास में सर्वाधिक नुकसान
एडीएम वित्त एवं राजस्व अमित कुमार भट्ठ ने बताया कि बारिश से फसलों को हुए नुकसान का सभी तहसीलों में सर्वे कराया गया है। सबसे अधिक इगलास तहसील में 12 फीसद एवं अतरौली, गभाना, खैर एवं कोल तहसील में 10 फीसद से कम नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि सर्वे रिपोर्ट को शासन को भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि किसी भी तहसील में मुआवजे के दायरे में कोई भी किसान नहीं मिला है। फसलों में 33 फीसद से अधिक का नुकसान होने पर ही मुआवजा देने का प्रावधान है।




जितना नुकसान उतना मिले मुआवजा
किसान नेता डॉ. शैलेंद्र पाल सिंह ने सरकार से मांग रखी है कि बारिश, आंधी, ओलावृष्टि एवं देवीय आपदा में क्षतिग्रस्त होने वाली फसलों को लेकर शासन के तय मानकों में फेरबदल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों को 33 फीसद से अधिक नुकसान होने पर ही मुआवजा देने का प्रावधान है। इससे पहले भले ही चाहें जितना नुकसान हो जाए, लेकिन किसानों को कोई मुआवजा नहीं दिया जाता है। उन्होंने मांग रखी है कि सरकार किसानों को जितना नुकसान हुआ है उतना मुआवजा दे।
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