एएमयू के बाब-ए-सैयद पर वर्ष 2019 में सीएए, एनआरसी के विरोध में चले धरने में भाषण देने के आरोप में जिस शिक्षक को नोटिस दिया गया है, उस वक्त वह प्रो. अफीफुल्ला की प्रॉक्टोरियल टीम का हिस्सा थे। उधर, शिक्षक संघ चुनाव में सचिव पद का चुनाव लड़ने वाले डॉ. औबेद ए सिद्दीकी के जेएन मेडिकल कॉलेज के एनेस्थिसियोलॉजी विभाग से सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए हैं।
एएमयू प्रशासन ने सीएए, एनआरसी के विरोध में चले धरने में कई शिक्षकों की भागीदारी की शिकायत पर प्रो. आफताब आलम, डॉ. अशरफ मतीन, प्रो. मुहीब उल हक और डॉ. मुसव्विर को नोटिस दिया है। इन शिक्षकों को नोटिस मिलने के बाद अन्य शिक्षकों में रोष है, लेकिन वह खुलकर नहीं बोल पा रहे हैं।
डॉ. अशरफ मतीन ने बताया कि शायद शिकायत करने वाले या नोटिस देने वाले यह भूल गया कि जिस धरने में कई बार भाषण देने का जिक्र किया गया है, वह उस वक्त एएमयू के प्रॉक्टोरियल टीम के हिस्सा थे, जो खुद धरने को खत्म कराने की कवायद कर रहे थे। इसका साफ मतलब है कि किसी भी तरह से शिक्षक संघ चुनाव को टाला जाए।
लोकतंत्र की आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है। उधर, शिक्षक संघ के सचिव पद के लिए चुनाव लड़ रहे डॉ. ओबैद ए सिद्दीकी ने बताया कि उनका शोषण करने के इरादे से एनेस्थिसियोलॉजी विभाग से 10 दिन के सीसीटीवी फुटेज हासिल किए गए हैं, ताकि वह जान सकें कि उनसे मिलने कौन-कौन आए थे। लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। शिक्षक संघ चुनाव में शामिल न होने का दबाव बनाया जा रहा है। वह ऐसे धमकियों से डरने वाले नहीं हैं।