'जलेबी' वो रसीली चीज है, जिसका नाम जुबां पर आते ही मुंह में पानी भर आता है। यदि यह जलेबी गोहाना ( हरियाणा ) के लाला मातूराम हलवाई की हो तो क्या कहने। मुंह में आए पानी को लार बनकर टपकने में तनिक भी देर नहीं लगती।
नुमाइश में सजी मातूराम हलवाई की दुकान की बनी जलेबी का स्वाद चखने के लिए दूर-दूर से शौकीन लोग पहुंच रहे हैं। इस जलेबी की खासियत है कि बड़े आकार वाली इस एक-एक जलेबी का वजन 250 ग्राम है। एक किलोग्राम पर इसके चार पीस ही आते हैं। देसी घी से बनने वाली इस जलेबी की कीमत 400 रुपये प्रति किलोग्राम है। यानि जलेबी का एक पीस 100 रुपये का है। स्वाद ऐसा कि जो एक बार खाए वो बस इसके स्वाद का दीवाना बन जाता है।
नुमाइश में पिछले 10 साल से लगातार आ रहे हलवाई देवीलाल ने बताया कि इससे पहले उनके दादा-पुरखा यहां आकर जलेबी बेच रहे हैं। यहां उनकी बनाई जलेबी को खाने के लिए बड़ी दूर-दूर से ग्राहक पहुंचते हैं। जो खाने के साथ घर के लिए जलेबियां पैकिंग कराकर भी ले जाते हैं।
उन्होंने बताया कि जलेबी का आकार एवं वजन अन्य जलेबियों से कहीं ज्यादा होता है। बड़े आकार की जलेबी अधिक समय तक गरम रहती हैं और वह कई दिन तक खराब भी नहीं होती हैं। इसमें किसी प्रकार का कोई रंग या पदार्थ या रसायन बिल्कुल भी नहीं डाला जाता है।