बारिश के वो पांच दिन... झेला तो समूचे शहर ने, मगर जो दर्द शाहजमाल के झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले मजदूरों ने झेला, उसे बयां नहीं किया जा सकता। उन्हें जरूरत थी पीने के पानी और दो वक्त की रोटी की, बच्चों को दूध और सुकून की। उम्मीद थी कि प्रशासन से कोई मदद मिलेगी। मगर दो दिन तक किसी ने सुध नहीं ली। तीसरे दिन कुछ मददगार सामने आए, जिन्होंने खाने का इंतजाम कराया। तब जाकर जान में जान आई। दो परिवार ऐसे भी रहे, जिन्हें सिर्फ एक दिन पानी कम होने पर खाना मिल सका।
पांच दिन की बारिश से हुए जलभराव से प्रभावित शाहजमाल की झुग्गियों में जब सोमवार को हकीकत जानी गई तो यह सच सामने आया। पॉलीथिन व तिरपाल से ढकी बांस की टटिया व टीन के टुकड़ों के सहारे बनी इन झुग्गियों में मजदूर परिवार कई दशक से रह रहे हैं। इन परिवारों की ज्यादातर महिलाएं कूड़ा बीनने का और पुरुष मजदूरी, जूता पॉलिश या रिक्शा चलाने का काम करते हैं।
मुन्नी की झुग्गी में परिवार के चार सदस्य रहते हैं। वह बताती हैं कि शुरू के दो दिन किसी ने सुध नहीं ली। तीसरे दिन बसपा नेता रतनदीप सिंह व उनके साथ आए लोगों ने भोजन मुहैया कराया। वे रोज मेहनत कर खुद व बच्चों का पेट भरने वाले लोग हैं। इसी तरह 12 सदस्यों के परिवार वाली नैना बताती हैं कि जो लोग खाना लेकर आए थे, वे अगर न आते तो भूखे रहना पड़ता।
तनीशा के घर के 8 सदस्यों व अनीशा के घर के 6 सदस्यों का इन मददगारों के सहारे काम चला। बारिश थमने के बाद रविवार को पानी घटा तो परिवार के सदस्य काम पर गए थे। रविवार को सपा के आमिर आबिद व इसरार सोलंकी ने पहुंचकर भोजन मुहैया कराया। सोमवार को पानी पूरी तरह हट गया। सोमवार को सिविल लाइंस क्षेत्र के कुछ सामाजिक लोग खाना लेकर पहुंचे।
चौथे दिन जाकर खा सके खाना
इसी बस्ती में शबीना व बदरजहां रहती हैं। इनकी झुग्गी सबसे आखिरी छोर पर हैं, जहां पानी बहुत अधिक था। वहां पहुंचना बेहद मुश्किल था। इसलिए इनके घरों पर चौथे दिन पानी कम होने पर ही भोजन पहुंच सका। यह भी बसपा नेता रतनदीप द्वारा भेजा गया भोजन मिला।
शबीना के घर के 4 सदस्य व बदरजहां के घर के 8 सदस्य भूखे ही रहे। चूंकि पानी इतना था कि ईंटों पर तख्तों को रखकर पूरे चार दिन परिवार के सदस्य उन्हीं पर बैठे रहे। भूखे होने के कारण नींद भी नहीं आती थी। हां, बदरजहां का तो और भी बुरा हाल। उनके घर में कोई जिम्मेदार मर्द न होने के कारण दिक्कत और अधिक हुई।
नगर आयुक्त पहुंचे शाहजमाल, 24 घंटे में इलाके में सफाई के निर्देश
बीते दिनों हुई लगातार बारिश के बाद मौसमी बीमारी फैलने का मुद्दा अमर उजाला द्वारा सोमवार के अंक में उठाए जाने का नगर निगम ने संज्ञान लिया है। सुबह नगर आयुक्त शाहजमाल सहित उन इलाकों में पहुंचे, जहां सर्वाधिक जलभराव हुआ था।
उन इलाकों में विशेष सफाई अभियान चलाने व फागिंग के जरिये दवा छिड़काव के निर्देश दिए। शाहजमाल में अगले 24 घंटे में व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कहा। साथ ही, नवरात्र को लेकर शहर के मंदिरों के आसपास भी सफाई रखने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री द्वारा त्योहारों को लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये शहरों में विशेष सफाई के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में अमर उजाला द्वारा शहर की गंदगी का मुद्दा उठाया गया। इसके बाद सोमवार सुबह नगर आयुक्त अमित आसेरी ने खेरेश्वर धाम, खैर रोड, इंद्रा नगर देहली गेट, गूलर रोड इंद्रा नगर लाल मंदिर रोड, जीटी रोड, मसूदबाद, बन्नादेवी एरिया के साथ-साथ शाहजमाल इलाके का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने शाहजमाल में अगले 24 घंटे में सफाई व कीटनाशक-एंटी लार्वा छिड़काव के निर्देश दिए। अन्य इलाकों में जोन वार सफाई के निर्देश दिए। शाहजमाल के बारे में उन्होंने कहा कि यहां अतिरिक्त टीम लगाई जाए। साथ ही, मंदिरों के आसपास सफाई के लिए कहा गया। इस मौके पर अपर नगर आयुक्त आदि मौजूद रहे।
शाहजमाल ईदगाह का निरीक्षण करते नगर आयुक्त अमिता आसेरी। संवाद- फोटो : CITY OFFICE