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माननीयों पर मुकदमा वापसी की रिपोर्ट शासन को भेजी

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अतरौली में भाजपा जिलाध्यक्ष/एमएलसी ऋषिपाल सिंह, जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र लोधी सहित 22 लोगों पर दर्ज मुकदमा वापसी की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। हालांकि यह रिपोर्ट 2021 में ही शासन स्तर से मांगी गई थी और उसी समय भेजी भी गई थी।
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मगर तीन बिंदुओं पर इसमें नई जानकारी मांगी गई। उसी नई जानकारी के साथ अब यह रिपोर्ट भेजी गई है। इधर, इसे लेकर कानूनी पहलू पर एक सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि क्या ऋषिपाल सिंह को इस मुकदमे से राहत मिल पाएगी, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट का पिछले वर्ष का आदेश है कि माननीयों पर मुकदमा वापसी में हाईकोर्ट की अनुमति लेनी होगी।
अतरौली के राठी चौराहे पर दो जून 2013 को तत्कालीन मुख्यमंत्री का बिजली दरों की वृद्धि के विरोध में पुतला फूंका गया था। उसी क्रम में यह मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसमें 22 लोग नामजद आरोपी हैं। 2017 में इस मुकदमे में पुलिस स्तर से चार्जशीट भी न्यायालय भेज दी गई।
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जिस पर वर्ष 2021 में शासन स्तर से मुकदमा वापसी के संबंध में जिला पुलिस प्रशासन से आख्या मांगी गई थी। उस समय फरवरी 2021 में 13 बिंदुओं पर यह आख्या भेज दी गई। जिसमें स्पष्ट उल्लेख था कि यह मुकदमा वापस लेने से किसी तरह से जन सामान्य पर असर न पड़ने का उल्लेख किया गया। अब इस मामले में शासन स्तर से फिर तीन नए बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई।
जिस पर पुलिस प्रशासन की ओर से नई जानकारियों सहित रिपोर्ट बुधवार देर रात भेज दी गई। इस बात की पुष्टि डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने करते हुए बताया कि शासन ने जिन सवालों पर जानकारी मांगी थी। उन पर जानकारी शासन को भेज दी गई है। मुकदमा वापस लेना न लेना, शासन का निर्णय है। रिपोर्ट चूंकि गोपनीय है, इसलिए उसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।
ये हैं मुकदमे में आरोपी
- तत्कालीन भाजपा नगर अध्यक्ष सचिन जैन, जिपं सदस्य पुष्पेंद्र लोधी, मुकेश, मौजूदा एमएलसी/जिलाध्यक्ष ऋषिपाल सिंह, पूरन सिंह, राजवीर सिंह उर्फ डॉक्टर, अमर दीप, संजय शर्मा, रमेश वाल्मीकि, डा.अनिल वर्मा, संतोष गुप्ता, बब्लू, वेंद्रपाल, शोभा, हरिओम, सत्यप्रकाश, रमेश चंद्र, रोशन सिंह, चंद्रवीर, दीपक, ओमवती, रामबाबू।
पिछले एक वर्ष में नहीं मांगी गई नई रिपोर्ट
एक वर्ष पूर्व सुप्रीम कोर्ट के स्तर से जारी हुए आदेश के बाद शासन स्तर से किसी तरह की मुकदमा वापसी संबंधी कोई नहीं रिपोर्ट नहीं मांगी गई है। यह एक वर्ष पुराना प्रकरण है। चूंकि उस समय तक ऋषिपाल सिंह एमएलसी नहीं बने थे। इसलिए यह प्रक्रिया जारी थी। अब चूंकि वह माननीय बन गए हैं। इसलिए इस पर शासन स्तर से ही निर्णय लिया जाएगा।
भाजपा संगठन में एकत्रित हो रहा मुकदमों का ब्योरा
भाजपा संगठन में अब सक्रिय कार्यकर्ताओं व नेताओं के मुकदमों का ब्योरा संगठन स्तर से जुटाया जा रहा है। हालांकि कोई अधिकारिक रूप से कुछ बोलने को तैयार नहीं है। मगर खबर है कि नौजवान कार्यकर्ताओं व नेताओं के मुकदमे को लेकर ब्योरा जुटाया जा रहा है। ताकि उन्हें किसी तरह की कोई राहत संगठन के द्वारा शासन से दिलावाई जा सके।
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