प्रधानपति वीरेंद्र सिंह के अंतिम संस्कार में शामिल लोग। संवाद
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जड़ाना नगलिया के प्रधान पति वीरेंद्र कुमार के शव का बुधवार को पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार हुआ। एहतियात के तौर पर गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। मृतक की पत्नी ग्राम प्रधान शीतल देवी ने पति की हत्या में पूर्व प्रधान व उसके दो बेटों सहित पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मंगलवार की रात करीब साढ़े आठ बजे गांव जड़ाना नगलिया की प्रधान शीतल देवी के पति वीरेंद्र सिंह पुत्र जगदीश सिंह की गोशाला से गांव लौटते समय हमलावरों ने गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। चर्चा है कि हमलावरों ने प्रधान पति की रेकी करने के बाद घात लगाकर बैठे थे।
मंगलवार की देर रात ही प्रधान शीतल देवी की तहरीर पर पूर्व प्रधान संजय, उनके दो पुत्र दीपक व दीपेश सहित प्रदीप और गौरव के खिलाफ हत्या व हत्या की साजिश रचने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हो गई थी। बुधवार को प्रधानपति का शव गांव पहुंचा तो बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। मृतक के खेत में ही शव का अंतिम संस्कार किया गया। इकलौते पुत्र लविश चौधरी ने पिता के शव को मुखाग्नि दी।
मामले में कोतवाली पुलिस ने पूर्व प्रधान संजय सहित उनके पुत्रों दीपक व दीपेश को हिरासत में ले लिया है। इंस्पेक्टर दिनेश कुमार सिसौदिया ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द ही उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा।
पूर्व प्रधान ने नहीं लड़ा था चुनाव
खैर। पंचायत चुनाव की रंजिश में जड़ाना नगलिया के प्रधानपति वीरेंद्र की हत्या की बात ग्रामीणों के गले नहीं उतर रही है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2011 से लगातार दस वर्ष 2021 तक संजय चौधरी प्रधान थे। वर्ष 2021 में हुए पंचायत चुनाव में शीतल देवी पत्नी वीरेंद्र कुमार, राजबाला पत्नी जुगेंद्र सिंह और आरिफ खां की पत्नी ने चुनाव लड़ा था। इसमें शीतल देवी चुनाव जीतकर प्रधान बनीं। पूर्व प्रधान संजय ने चुनाव ही नहीं लड़ा तो चुनावी रंजिश में हत्या कैसे हो सकती है?