चंद्र ग्रहण (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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देव दिवाली के दिन आठ नवंबर को साल का आखिरी खग्रास चंद्रग्रहण होगा। चंद्र ग्रहण को ज्योतिष विज्ञान के अनुसार बहुत ही महत्वपूर्ण खगोलीय घटना माना जा रहा है। जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में होते हैं तथा सूर्य और चंद्रमा के बीच में पृथ्वी आ जाती है, तो चंद्र ग्रहण होता है। इसे कई राशियों के लिए काफी शुभ माना जा रहा है तो कुछ को नुकसान की भी आशंका जतायी जा रही है।
ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि हिंदू भारतीय पंचांग के अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को देव दिवाली का पर्व मनाया जाता है। देव दीपावली के दिन चंद्र ग्रहण लगने से इसका महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि साल का यह दूसरा चंद्रग्रहण हैं और खग्रास चंद्रग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर 2:39 से शाम 6:19 तक पड़ेगा।
भारत में इस ग्रहण का प्रारंभ चंद्रोदय के साथ सांय 5:53 बजे से होगा। इसका मोक्ष 6:19 मिनट पर होगा। विरल छाया से निर्गम शाम 7:26 पर होगा। उन्होंने बताया कि चंद्र ग्रहण भारत में नजर आएगा। यही कारण है कि इस चंद्र ग्रहण का प्रभाव भारत के भू-भाग पर भी पड़ेगा और उत्तर प्रदेश के अधिकांश शहरों में देखा जा सकेगा। इन जगहों पर सूतक काल भी मान्य होगा।
उन्होंने बताया कि एक माह में दो ग्रहण पड़ने से पूरे देश में और संसार में जहां ग्रहण दिखाई देगा वहां विशेष हलचल पैदा होती है। यह ग्रहण मेष, धनु, मकर और मीन राशि के लोगों के लिए अत्यंत अशुभ फलदायक रहेगा। मिथुन, कर्क, वृश्चिक और कुंभ राशि के लिए शुभ माना जाएगा। वृषभ, कन्या, तुला राशियों के लिए यह मध्यम (सामान्य) रहेगा।
किस राशि पर क्या होगा चंद्रग्रहण का प्रभाव
मेष -घात
वृष- हानि
मिथुन -लाभ
कर्क - सुख
सिंह - माननाश
कन्या - मृत्यु तुल्य कष्ट
तुला - स्त्री पीड़ा, पुरुष पीड़ा
वृश्चिक - सौख्य
धनु - चिंता
मकर - व्यथा
कुंभ- श्री
मीन - क्षति