एएमयू के यूजीसी एचआरडीसी में कोलोक्विम मैग्ना मॉडल यूनाइटेड नेशंस (सीएमएमयूएन) और अमर उजाला के संयुक्त तत्वावधान में सुनो और निराकरण थीम पर वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई। जिसमें अच्छे विचार रखने वाले प्रतीकात्मक देश के प्रतिनिधिमंडल को पुरस्कार दिए गए। इसी क्रम में डेनमार्क के प्रतिनिधिमंडल को पहला पुरस्कार मिला।
मंगलवार को दो दिवसीय प्रतियोगिता के अंतिम दिन जी-20 के तहत जलवायु परिवर्तन और आपदा जोखिम में कमी, धर्म पर विचार-विमर्श, हथियारों की अवैध आपूर्ति, शरणार्थियों के यौन शोषण, दुर्व्यवहार, उत्पीड़न से निपटना और स्वास्थ्य कर्मियों के अधिकारों की रक्षा करने जैसे विषयों पर विद्यार्थियों ने विचार व्यक्त किए। यूएनजीए-डीआईएसईसी में सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधिमंडल डेनमार्क, उच्च प्रशंसनीय नीदरलैंड, विशेष इंग्लैंड, बेलारूस, डब्ल्यूएचओ में सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधिमंडल कनाडा, उच्च प्रशंसनीय श्रीलंका, विशेष पोलैंड, एआईपीपीएम में सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि मनोज झा, उच्च प्रशंसनीय असददुदीन ओवैसी, विशेष जन वाईएस विजयाम्मा, कनिमोझी करुणानिधि बताई गईं।
जी-20 में सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधिमंडल दक्षिण अफ्रीका, उच्च प्रशंसनीय रूस, विशेष दर्जा अर्जेंटीना, इटली, चीन को मिला। मुख्य अतिथि एएमयू यूजीसी एचआरडीसी की निदेशक डाॅ. फायजा अब्बासी ने पुरस्कार वितरित किया। कार्यक्रम में एएमयू, दिल्ली विवि, ग्लगोटिया विवि, हंसराज कॉलेज, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, दौलतराम कॉलेज, वीमेंस कॉलेज, कैंम्बि्रज स्कूल, शारदा यूनिवर्सिटी, अलबरकात पब्लिक स्कूल, बीएचयू के छात्र-छात्राएं शामिल हुईं। आयोजक इवेंट मैनेजर लखन वार्ष्णेय, सचिव जुहैर नूर, निदेशक अरबाज मलिक, जियाउल मुस्तफा, सुहैब खान रहे। ब्यूरो