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मतदाताओं तक बैलेट पेपर पहुंचाना बना चुनौती

सार

एसोसिएशन का सदस्य बनने के लिए एएमयू के पूर्व छात्र-छात्राओं को पंजीकरण कराना होता है। इनमें कुछ मतदाता दुनिया को अलविदा कह चुके हैं तो कई ने अपना ठिकाना बदल लिया है। वहीं, जिन मतदाताओं के पास बैलेट पेपर पहुंच गए हैं, उनसे उम्मीदवार और उनके समर्थक बैलेट पेपर हासिल करने में लगे हैं।
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विस्तार
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ओल्ड ब्वॉयज एसोसिएशन के चुनाव को लेकर सियासी तपिश बढ़ती जा रही है तो दूसरी तरफ मतदाताओं तक बैलेट पेपर पहुंचाना डाकिये की चुनौती बनती जा रही है। कई मतदाता अपना ठिकाना बदल चुके हैं तो कई इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं।
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एसोसिएशन का सदस्य बनने के लिए एएमयू के पूर्व छात्र-छात्राओं को पंजीकरण कराना होता है। इसके बाद वही मतदाता होते हैं। देश और दुनिया में करीब सात हजार मतदाता हैं। मेरठ, रामपुर, लखनऊ, आगरा, शाहजहांपुर, सहारनपुर, बरेली, मुरादाबाद, संभल, बदायूं, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, बुलंदशहर, हाथरस, एटा, अलीगढ़ में काफी संख्या में मतदाता हैं।
इन मतदाताओं के पास डाक विभाग के जरिये बैलेट पेपर भेजे गए हैं। इनमें कुछ मतदाता दुनिया को अलविदा कह चुके हैं तो कई ने अपना ठिकाना बदल लिया है। ऐसे में इन तक बैलेट पेपर पहुंचाने में डाकिये को परेशानी हो रही है, क्योंकि जिनके नाम से बैलेट पेपर हैं, उनके पावती रसीद पर हस्ताक्षर लेना जरूरी है।
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ऐसे में डाकिये परेशान हो रहे हैं। वहीं, जिन मतदाताओं के पास बैलेट पेपर पहुंच गए हैं, उनसे उम्मीदवार और उनके समर्थक बैलेट पेपर हासिल करने में लगे हैं। एक साथ बैलेट पेपर लेकर उसे डाक विभाग के जरिये चुनाव अधिकारी के पास भेज रहे हैं।
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