प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को इंडियन एक्सपो मार्ट में विश्व डेयरी शिखर सम्मेलन का शुभारंभ कर देश के डेयरी सेक्टर की ताकत छोटे किसानों को बताया है। ये बात बिल्कुल सच है, मगर निजी क्षेत्र की डेयरियों के हावी होने से सहकारी क्षेत्र की प्रमुख डेयरियों में शुमार पराग डेयरी संकट के दौर से गुजर रही है। कहने को तो अपना जिला दुग्ध उत्पादन के मामले में केंद्र कहा जाता है। यहां प्रतिदिन छह लाख लीटर से अधिक दूध के उत्पादन का अनुमान है।
शहर से लेकर देहात तक दूध व्यापार पर गौर करें तो बड़े पशु पालकों ने डेयरियां खोल रखी हैं। दूध खुदरा में बेचा जा रहा है। साथ ही, बड़ी मात्रा में दूध को प्रोसेसिंग यूनिटों/डेयरियों को भी बेचा जाता है। जानकारों के मुताबिक, एक दौर ऐसा भी था, जब अलीगढ़ से दूध की आपूर्ति पंजाब व हिमाचल की दवा कंपनियों को होती थी। साथ ही, पराग व हाइंज नाम की सहकारी क्षेत्र की डेयरियां भी दूध खरीदकर आपूर्ति करती थीं। लेकिन धीरे-धीरे निजी क्षेत्र की डेयरियों ने कब्जा जमाना शुरू कर दिया। इसका असर पराग के कारोबार पर पड़ा, दूध की आपूर्ति कम होने व मार्केटिंंग में पिछड़ने से कर्मचारियों के वेतन के भी लाले पड़ रहे हैं।
इसके अलावा, आज जिले में दस ऐसी डेयरयिां संचालित हैं, जो सीधे पशु पालकों या छोटी डेयरियों से दूध खरीदकर अपने यहां प्रोसेसिंग यूनिट के जरिये मिल्क पाउडर व घी तैयार कर बाजार में बेच रही हैं। एनसीआर की चार डेयरियां भी यहां से दूध खरीद रही हैं। अमूल डेयरी ने जिले में सर्वे का काम पूरा करा लिया है और जल्द ही दुग्ध कलेक्शन सेंटर खोलने जा रही है। इसको लेकर जिले में संचालित निजी क्षेत्र की अन्य डेयरियों के संचालक चिंतित हैं।
- ये सही है कि जिला दूध उत्पादन के मामले में केंद्र रहा है। 6 लाख लीटर से अधिक दूध प्रतिदिन उत्पादित होता रहा है, मगर जब से यहां कट्टीघरों की संख्या बढ़ी है। तब से उत्पादन में गिरावट दर्ज हो रही है। वर्तमान में यह उत्पादन 4 से 5 लाख लीटर प्रतिदिन होगा। इसकी दो ताजा वजह लंपी वायरस व सूखा भी है।
- अंशु अग्रवाल, तुलसी डेयरी अतरौली
- हमारे जिले में दूध की कमी नहीं है, मगर सबसे बड़ी बात बाहर की डेयरियों में आपूर्ति होना है। अमूल की ओर से भी कलेक्शन सेंटर खोले जा रहे हैं। ये और चिंता बढ़ाएगा।
- राजीव ख्यालीराम, दुग्ध व्यापारी, मामू भांजा
- शहर में करीब 91 दूध डेयरी मौजूद हैं, जहां से प्रतिदिन करीब 6000 लीटर दूध का उत्पादन होता है। निजी दूध डेयरियों की संख्या अलग है। - आलोक कुमार, प्रभारी प्रोडक्शन पराग डेयरी
ये हैं आंकड़े--
- 534 अपंजीकृत छोटी डेयरियां शहर में हैं संचालित, जिन्हें नगर निगम विस्थापित करने की तैयारी में है
- 2000 अपंजीकृत छोटी डेयरियां जिले के अन्य कस्बों और देहात क्षेत्र में संचालित हो रही हैं
- 91 डेयरियां पराग द्वारा की जा रही हैं संचालित, जिनमें 6000 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है
- 4 डेयरियां निजी क्षेत्र की, जिले से दूध खरीदकर प्रतिदिन एनसीआर में करती हैं आपूर्ति
-10 निजी क्षेत्र की डेयरियां जिले में ही हो रही हैं संचालित और मिल्क पाउडर-घी बनाती हैं
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उत्पादन की तस्वीर--
- 6 लाख लीटर दूध प्रतिदिन उत्पादन का अनुमान
- 3 लाख लीटर दूध प्रतिदिन बाहर भेजा जाता है
- 7 लाख लीटर दूध प्रतिदिन खपत का है अनुमान
- 3 से 4 लाख लीटर पैक्ड दूध बिक्री का अनुमान