किसी तरह सचिन व अर्चिता कार से उतरे तो बेटी को देखकर उनके होश उड़ गए। रात में राहगीर भी रुक गए। सूचना पर परिजन भी पहुंच गए। उमेश सरकोंड़ा के छोटे भाई राजेश सरकोंड़ा के अनुसार बच्ची को अस्पताल ले जाया गया। मगर बचाया नहीं जा सका। सचिन व अर्चिता के भी हल्की चोटें आई हैं। उनका भी उपचार कराया गया। इंस्पेक्टर सासनी गेट के अनुसार शव बिना किसी कार्रवाई के ही परिजन ले गए।
अगले माह 13 नवंबर को था वैष्णवी का जन्मदिन
राजेश सरकोंड़ा के अनुसार, सचिन की यह इकलौती संतान थी। उसका आने वाले 13 नवंबर को जन्म दिन था। बच्ची के इस तरह देहांत के बाद घर की खुशियां काफूर हो गई हैं।