10 अगस्त तड़के उटवारा गांव के पास मध्य गंग नहर की पटरी कट गई थी। जिससे बरका, उदयपुर, जरारा, ऐंचना, चांजोर समेत छह गांवों के किसानों की करीब ढाई हजार बीघा से अधिक की फसल जलमग्न हो गई थी।
तहसील खैर के उटवारा और गभाना के बरका गांव के मध्य कटी मध्य गंग नहर की पटरी को 30 घंटे बाद 11 अगस्त को ठीक किया जा सका। अब खेतों से पानी निकलना शुरू हो गया है। फसलों को हुए नुकसान का सर्वे शुरू कराया जा रहा है, ताकि किसानों को शासन के नियमों के अनुसार जल्द से जल्द मुआवजा दिया जा सके। नहर की पटरी कटने से छह गांवों की ढाई हजार बीघा फसल जलमग्न हो गई थी। सबसे ज्यादा नुकसान धान, मक्का, ज्वार बाजरा की फसलों में हुआ है।
विज्ञापन
11 अगस्त को डीएम विशाख जी ने एडीएम वित्त एवं राजस्व मीनू राणा के साथ गांवों का दौरा किया। उन्होंने कहा है कि फसलों की क्षति का सर्वे कराकर नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा। डीएम ने सिंचाई विभाग के अफसरों को निर्देश दिए कि वे जिले की सभी नहरों के आसपास की पटरियों की बिना देरी किए मरम्मत कराएं, ताकि किसानों को ऐसा नुकसान न उठाना पड़े। उन्होंने लेखपाल, कानूनगो से नुकसान का सर्वे करने के लिए कहा। सर्वे रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
उन्होंने क्षेत्रीय किसानों से फसलों को हुए नुकसान को लेकर चर्चा की। इस मौके पर एसडीएम खैर महिमा राजपूत, एसडीएम गभाना विनीत मिश्रा समेत सिंचाई विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। बता दें कि 10 अगस्त तड़के उटवारा गांव के पास मध्य गंग नहर की पटरी कट गई थी। जिससे बरका, उदयपुर, जरारा, ऐंचना, चांजोर समेत छह गांवों के किसानों की करीब ढाई हजार बीघा से अधिक की फसल जलमग्न हो गई थी।