सगढ़ी गांव में एक दबंग परिवार ने अनुसूचित जाति के युवक की घुड़चढ़ी की रस्म नहीं होने दी। यह लोग अपने घर के बाहर दरवाजे पर खड़े हो गए और कहने लगे कि यहां से बरात नहीं जाएगी। जब बरात में शामिल कुछ युवकों ने इसका विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई। बाद में सूचना पाकर पुलिस पहुंची और पुलिस की मौजूदगी में बरात चढ़त की रस्म पूरी की गई। इस मामले में प्रधानपति और उसके चार बेटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
राजेंद्र सिंह पुत्र धर्मपाल सिंह निवासी ग्राम रसूलगढ़ थाना पहासू जिला बुलंदशहर के अनुसार उनके ही गांव के दलवीर सिंह के बेटे गोविंदा की बरात खासगढ़ी निवासी चोखेलाल के यहां रविवार को आई थी। धूमधाम के साथ चढ़त की रस्म की जा रही थी। रात को लगभग साढ़े 11 बजे जब बरात मौजूदा ग्राम प्रधान के दरवाजे पहुंची तो प्रधान पति मुकेश गुप्ता और उसके चारों बेटे घर के बाहर आकर खड़े हो गए। कहने लगे कि अनुसूचित जाति का दूल्हा उनके दरवाजे के आगे से घोड़ी पर चढ़कर नही जा सकता।
बरात में मौैजूद लोगों ने उनके इस व्यवहार पर नाराजगी जताई तो पिता पुत्र हमलावर हो गए और मारपीट करने लगे। पिटाई से राजेंद्र पुत्र शिवराम, सीजर पुत्र बिजेंद्र, सोनू पुत्र रामवीर सहित जॉनी, नीरज व वैभव पुत्र मुंशीलाल चोटिल हो गए। बताया जाता है कि बरात में मौजूद कार का शीशा भी तोड़ दिया गया। घटना की जानकारी कुछ लोगों ने पुलिस को दी।
थाना पुलिस मौके पर पहुंची और अपनी मौजूदगी में बरात चढ़त की रस्म पूरी कराई। बाद में प्रधानपति मुकेश गुप्ता और उसके चार बेटों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उस पर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -नारायण दत्त तिवारी, थाना प्रभारी, जवां।