बबिता के पति शहीद हो गए थे। मृतक आश्रित के तौर पर बबिता के पुलिस विभाग में नौकरी लगने की प्रक्रिया चल रही थी। वह अपने बच्चों के साथ घर की छत पर सोई थीं। देर रात बच्चों से सर्दी लगने की बात कहकर नीचे कमरे में चली गईं। सुबह जगने पर बच्चे नीचे उतरे तो कमरे में फंदे पर बबिता का शव लटक रहा था।
थाना दादों के ग्राम बड़ेपुरा निवासी बबिता पत्नी सतीश चंद्र यादव का शव 7 जून की सुबह अपने ही घर पर फंदे पर लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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सतीश चंद्र पुलिस विभाग में सिपाही थे और आगरा में तैनात थे। जुलाई 2017 में आगरा में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में गोली लगने से वह शहीद हो गए थे। मृतक आश्रित के तौर पर बबिता के पुलिस विभाग में नौकरी लगने की प्रक्रिया चल रही थी। थाना पुलिस को बताया कि 6 जून की रात वह अपने बच्चों के साथ घर की छत पर सोई थीं। देर रात बच्चों से सर्दी लगने की बात कहकर नीचे कमरे में चली गईं।
7 जून की सुबह जगने पर बच्चे नीचे उतरे तो कमरे में फंदे पर बबिता का शव लटक रहा था। वह अपने पीछे एक पुत्र व दो पुत्रियों को रोता छोड़ गई हैं। थाना पुलिस के अनुसार मामले की जांच की जा रही है।