16 जून को गंगा दशहरा पर राजघाट में गंगा स्नान के दौरान डूबे बिसावली निवासी बंटी का शव 17 जून को ग्रामीणों को कुछ दूरी पर गंगा नदी के किनारे मिल गया। वहीं परिवार को दोहरा आघात लगा है। बंटी के अंतिम संस्कार में शामिल होने आ रहे उसके तहेरे बहनोई की सड़क हादसे में मौत हो गई।
बंटी पुत्र धर्मवीर गांव में परचून की दुकान चलाते थे। 15 जून की शाम टैक्सी में अपनी मां शारदा देवी, पत्नी रीना देवी, बेटी पल्लवी व बेटे कार्तिक के साथ राजघाट गए थे। रात में वहीं रुके। 16 जून को गंगा दशहरा पर बेटे का मुंडन कराया। इसके बाद सभी ने गंगा में स्नान किया। दोपहर में करीब एक-दो बजे के बीच लौटने से पहले बंटी पुन: गंगा स्नान करने लगा। इसी बीच वह डूब गया।खबर पाकर परिवार व गांव के लोगों सहित रिश्तेदार भी पहुंच गए थे। 17 जून को अपराह्न तीन बजे के करीब गंगा के किनारे ग्रामीणों को शव मिल गया। रात आठ बजे गांव में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
वहीं अंतिम संस्कार में शामिल होने के बंटी की तहेरी बहन सुनीता के पति कमल सिंह नि वासी गांव नगला बरी थाना सुरीर जिला मथुरा बाइक से गांव बिसाहुली आ रहे थे। सुरीर क्षेत्र में कराहरी-टैंटीगांव मार्ग पर पेट्रोल पंप के समीप पिकअप ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने परिवार को सूचना देते हुए उन्हें मांट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अंतिम संस्कार में शामिल होने आ रहे दो युवक घायल
वहीं गांव के खानदान के बिजेंद्र सिंह पुत्र नाहर सिंह व जितेंद्र सिंह पुत्र लालाराम भी बंटी के गंगा में डूबने की खबर पर 16 जून की रात बिसाहुली आ रहे थे। रात आठ बजे के करीब गांव चिलावटी के पास से हादसे में वह दोनों भी गंभीर रूप से घायल हो गए। अलीगढ़ शहर के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।