खैर कृषि उत्पादन मंडी समिति में टीनशेड में रखे गल्ले को जेसीबी के जरिये हटवाए जाने के विरोध में मंडी समिति के आढ़ती धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने गल्ला मंडी बंद रखने का एलान किया है। नायब तहसीलदार और मंडी समिति सचिव से हुई वार्ता के बावजूद आढ़ती अपने निर्णय पर अडिग थे।
दरअसल भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सुंदर सिंह बालियान ने पिछले दिनों प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर मंडी के टीनशेडों पर आढ़तियों के कब्जे की शिकायत की थी। कहा था कि आढ़तिया अपना माल टीनशेड में डंप रखते हैं, इससे किसान का माल खुले में पड़ा रहता है और बारिश होने पर भीगकर खराब होता है। इस पर पिछले सप्ताह मंडी समिति प्रशासन ने नोटिस जारी कर आढ़तियों को स्वयं से अपना माल हटाने की चेतावनी दी थी।
हालांकि किसी ने अपना माल नहीं हटाया। एसडीएम के आदेश पर नायब तहसीलदार काजोल तोमर, मंडी सचिव सुनील शर्मा ने तत्काल टीनशेड से माल हटवाने का निर्देश दिया। साथ ही जेसीबी मंगवा ली। इस पर गल्ला आढ़ती टीनशेडों पर धरने पर बैठ गए। आढ़तियों का आरोप है कि किसान यूनियन की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने जेसीबी चलवा दी। आढ़तियों द्वारा खरीदे जाने वाले माल को रखने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की। रखा माल हटवाने के लिए एक सप्ताह का समय भी नहीं दिया।
जिन आढ़तियों ने टीनशेडों पर कब्जा कर रखा है उनको पूर्व में नोटिस दिया जा चुका है। उनसे स्वयं से माल हटवाने के लिए कहा गया है, लेकिन आढ़तियों ने तीन टीनशेड खाली नहीं किए हैं। -सुनील शर्मा, मंडी सचिव।