नौ जनवरी 2018 को पहली बोर्ड बैठक करने वाले अलीगढ़ नगर निगम बोर्ड का कार्यकाल सोमवार को समाप्त हो गया। इसके चलते बोर्ड के प्रशासक के रूप में डीएम के नेतृत्व में तीन सदस्यीय समिति तैनात की गई है। इस समिति में डीएम प्रशासक, मुख्य नगर आयुक्त व सीटीओ सदस्य हैं।अब शहर के विकास कार्य का जिम्मा इसी समिति के हाथों में होगा।
2017 में मेयर की शपथ ली थी मो फुरकान ने
मेयर मो. फुरकान समेत 70 निर्वाचित पार्षदों 12 दिसंबर 2017 को नुमाइश मैदान में शपथ ली थी। इसके बाद 9 जनवरी 2018 को नगर निगम बोर्ड की पहली बैठक हुई थी। बाद में शासन स्तर से इस बोर्ड में 10 पार्षद नामित भी किए गए। इस तरह 80 पार्षदों का यह बोर्ड पांच साल चला।
निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच अब तक नए बोर्ड का गठन हो जाना था। मगर आरक्षण प्रक्रिया अदालत में चले जाने के कारण चुनाव टल गया है। इसके चलते बोर्ड का कार्यकाल खत्म होने पर प्रशासक की तैनाती का प्रावधान है। इसी के तहत जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह नगर निगम बोर्ड के प्रशासक व उनके साथ सदस्य के रूप में मुख्य नगर आयुक्त व मुख्य कर निर्धारण अधिकारी काम करेंगे।
ये था निवर्तमान बोर्ड
भाजपा प्रत्याशी डा.राजीव अग्रवाल को हराकर बसपा के मो.फुरकान मेयर बने। 70 पार्षदों में से भाजपा के 36, बसपा के 22, सपा के सात, कांग्रेस 2 व तीन निर्दलीय पार्षद सदन में थे। नियम के अनुसार पहली बोर्ड बैठक के दिन से ही निवर्तमान बोर्ड का कार्यकाल खत्म माना जाता है। इसके बाद नया बोर्ड या प्रशासक काम करते हैं।
आज से नगर निगम बोर्ड का कार्यकाल खत्म हो गया है। अब नगर निगम के प्रशासक के रूप में जिलाधिकारी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय समिति कार्य करेगी, जिसमें मुख्य नगर आयुक्त व मुख्य कर निर्धारण अधिकारी शामिल हैं।
-राकेश यादव, अपर नगर आयुक्त
हाउस टैक्स व यूजर चार्ज का मुद्दा रहा उपलब्धि
मेयर मो. फुरकान ने अपना कार्यकाल खत्म होने पर कहा है कि पिछले पांच वर्ष में एतिहासिक कार्य कराए हैं। अलीगढ़ की जनता, पार्षदों, अफसरों प्रशासनिक अफसरों के सहयोग से पांच वर्ष बेहतरीन तरीके से बीते। हाउस टैक्स की बढ़ी दरें वापस कराई, यूजर चार्ज को समाप्त कराया, सड़क, नाली, नाले, स्ट्रीट लाइट, डोर टू डोर कूड़ा उठान, पार्कों का सौंदर्यीकरण जल निकासी को एसटीपी प्लांट समेत अन्य कार्य कराए गए हैं।
सदन का हमेशा सहयोग मिला, जिससे शहर शहर में अच्छे काम हुए हैं। पांच साल की छवि बेदाग रही यह सबसे बड़ी उपलब्धि है। विपक्ष में रहकर बोर्ड को चलाना समन्वय स्थापित करना चुनौती भरा काम होता है। लेकिन सभी के सहयोग से काम आसान हुआ। अलीगढ़ की जनता ने 2017 में चुनकर मेयर की कुर्सी तक पहुंचाया और आगे भी जनता सहयोग देगी तो शहर के विकास से पीछे नहीं हटूंगा। मौका मिला तो अलीगढ़ आवाम की सेवा में तत्पर रहूंगा।
-मो.फुरकान निवर्तमान मेयर