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अलीगढ़: रंजिश में किशोर की अगवाकर हत्या, फिर मांगी फिरौती, तीन गिरफ्तार

Wed, 28 Jul 2021 11:04 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़

सार

घटनाक्रम के अनुसार लच्छिमपुर बैंक कालोनी में रहने वाले किशन सिंह लोधी घर में ही भट्ठी चलाते हैं और मजदूरी पर मूर्तियों की ढलाई का काम करते हैं। किशन व उनका भाई पुष्पेंद्र आदि संयुक्त रूप से रहते हैं।
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मृतक रितिक और उसके परिवार के लोग - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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महानगर के बन्नादेवी क्षेत्र के लच्छिमपुर से एक पखवाड़ा पहले पड़ोसियों ने रंजिशन एक किशोर को अगवा कर उसकी हत्या कर दी और लाश बोरे में बंद कर नाले में फेंक दी। अब एक पखवाड़े बाद बुधवार दोपहर किशोर के परिवार से फोन पर 10 लाख फिरौती मांगी गई। अब तक बालक की तलाश में जुटा परिवार फिरौती की कॉल आने पर घबरा गया और पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने चंद घंटों में घटना से पर्दा उठाते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और बालक की लाश भी बरामद कर ली है। देर रात पुलिस आरोपियों से पूछताछ में जुटी थी।

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घटनाक्रम के अनुसार लच्छिमपुर बैंक कालोनी में रहने वाले किशन सिंह लोधी घर में ही भट्ठी चलाते हैं और मजदूरी पर मूर्तियों की ढलाई का काम करते हैं। किशन व उनका भाई पुष्पेंद्र आदि संयुक्त रूप से रहते हैं। किशन सिंह के दो बेटे, एक बेटी में सबसे बड़ा रितिक (16) सारसौल के एक प्राइवेट स्कूल में 9वीं का छात्र था। उसे 15 जुलाई की दोपहर पिता ने मोबाइल चलाने पर डांट दिया था। इसके बाद से वह मोबाइल घर पर ही छोड़कर लापता हो गया था। हालांकि परिवार ने यही समझा कि वह नाराज होकर कहीं चला गया है। मगर तभी से परिवार उसे खोज रहा था। इसी बीच बुधवार दोपहर करीब 10.34 बजे घर में ही रखे रितिक के मोबाइल पर अंजान नंबर से कॉल आई। यह कॉल रितिक की चाची गुड़िया ने रिसीव की तो उधर से किसी ने खुद को रितिक का अपहरणकर्ता बताते हुए बच्चे की वापसी के बदले 10 लाख रुपये मांगे। इस पर गुड़िया ने फोन तुरंत अपने पति पुष्पेंद्र को दे दिया। पुष्पेंद्र ने उसे हड़काकर बात की तो उधर से कहा गया कि बच्चा अगर जिंदा चाहिए तो 10 लाख रुपये लेकर दिल्ली गली नंबर 5 आ जाओ और फोन काट दिया। 

यह सुनते ही परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई और तत्काल पूरा परिवार बन्नादेवी थाने पहुंचा। जहां पूरा वाकया बताया। खबर पर तत्काल एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत, सीओ द्वितीय मोहसिन खान, बन्नादेवी पुलिस, नगर क्षेत्र की एसओजी व सर्विलांस टीम सक्रिय हो गई। सर्विलांस की मदद से पुलिस कॉल करने वाले आरव निवासी नगला मसानी तक पहुंची और उसकी मदद से किशन सिंह के ही पड़ोसी प्रदीप व दूसरी गली में रहने वाले योगेंद्र को दबोच लिया। तीनों को दबोचकर पूछताछ हुई तो वे टूट गए और उन्होंने स्वीकारा कि योगेंद्र ने व्यापार के सिलसिले में किशन सिंह से १ लाख रुपया एडवांस लिया था। जो वापस नहीं हो पाया था। इसी विवाद में किशन ने योगेंद्र को धमका दिया था। इसी रंजिश में योगेंद्र के कहने पर हमने मिलकर रितिक को अगवा कर उसी दिन उसकी हत्या कर दी और रात में शव बोरे में बंद कर टिर्री में लादकर गगन स्कूल के पास नाले में फेंक आए। देर रात पुलिस ने शव बरामद कर लिया था। इस खबर पर परिवार में कोहराम मचा हुआ था।
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-लच्छिमपुर से बच्चे को रंजिशन अगवा किया गया था और परिवार को गुमराह करने के इरादे से फोन पर रंगदारी मांगी गई। मगर आरोपी खुद ही अपने बुने जाल में फंस गए। तीनों आरोपियों को पकड़ लिया गया है। टिर्री भी बरामद कर ली गई है। पूछताछ में अन्य तथ्य सामने लाए जा रहे हैं। -कुलदीप सिंह गुणावत, एसपी सिटी

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