स्पिन गेंदबाजी के जादूगर पूर्व भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान बिशन सिंह बेदी के निधन से क्रिकेट प्रेमियों में शोक की लहर है। 70 के दशक में भारतीय स्पिन गेंदबाजी का जलवा था। बेदी, प्रसन्ना और चंद्रशेखर की स्पिन तिकड़ी से दुनिया के दिग्गज बल्लेबाज घबराते थे। बिशन सिंह बेदी का दुनिया से जाना क्रिकेट के लिए अपूर्णीय क्षति है।
बिशन सिंह बेदी संस्था थे : विवेक
पूर्व विधायक व अलीगढ़ स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक बंसल ने कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान बिशन सिंह बेदी एक क्रिकेटर नहीं, बल्कि संस्था थे। उनके जाने से क्रिकेट जगत को अपूर्णीय क्षति पहुंची है। उन्होंने कहा कि बेदी, प्रसन्ना और चंद्रशेखर के खेल को देखा है। इस तिकड़ी गेंदबाजों के किस्से सुने और देखे भी। इन गेंदबाजों ने चरखी गेंदबाजी की एक परंपरा डाली थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी गेंदबाजी के दिग्गज बल्लेबाज भी कायल थे। बेदी अब दुनिया में नहीं हैं। उनके जाने से एक संस्था का अंत हो गया है। बेदी अपनी बेबाकी के लिए भी जाने जाते थे। क्रिकेट प्रबंधन में जो भी विसंगतियां होती हैं, उस पर बेबाकी से बोलते थे।
बेदी के खिलाफ खेला मैच : असलम
पूर्ण रणजी खिलाड़ी असलम अली ने बिशन सिंह बेदी के निधन पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1976 में बेदी के खिलाफ मैच खेला था। बिशन सिंह बेदी दिल्ली टीम से और वह उत्तर प्रदेश टीम से खेल रहे थे। असलम ने कहा कि बेदी एक शानदार गेंदबाज थे। अपने जमाने के बड़े खिलाड़ी थे।
बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाजी के जादूगर बिशन सिंह बेदी के निधन से दुखी हूं। मैं उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं। -अजय शर्मा, कोच,अलीगढ़ क्रिकेट एकेडमी
बिशन बेदी के दुनिया से चले जाने की खबर से दिल बहुत दुखी हूं। वह अपने जमाने के शानदार गेंदबाज थे। -अनिल वर्मा, क्रिकेट प्रेमी
बिशन सिंह बेदी अब दुनिया में नहीं रहे। मैंने उन्हें खेलते हुए देखा है। वह एक बड़े गेंदबाज के साथ अच्छे इंसान थे। -मुकेश सक्सेना, क्रिकेट प्रेमी
बिशन सिंह के निधन की खबर से दिल बेहद दुखी है। उनका जाना क्रिकेट जगत को झटका दे गया है। मैं श्रद्धांजलि देता हूं।-नरेश कुमार, क्रिकेट प्रेमी