मशाल जुलूस निकालते विद्युत कर्मचारी ।
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जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, बिजली कर्मचारियों एवं अभियंताओं की 16 मार्च की रात्रि से 72 घंटे की होने वाली सांकेतिक हड़ताल को अवैधानिक करार दिया है। डीएम ने कहा है कि बिजली कर्मियों ने मुख्यालयों एवं परियोजना मुख्यालयों पर 20 फरवरी से चरणबद्ध जन-जागरण रैली एवं मशाल जुलूस के साथ ही 16 मार्च की रात्रि 10 बजे से 72 घंटे की सांकेतिक हड़ताल करने का नोटिस दिया गया है।
उन्होंने बताया है कि अपर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन (ऊर्जा) अनुभाग द्वारा जारी अधिसूचना के तहत आवश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम 1966 की धारा 3 की उपधारा (1) के तहत 06 माह की अवधि के लिए दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की सेवाओं में हड़ताल को निषिद्ध किया गया है। ऐसे में किसी भी प्रकार का आंदोलन, प्रदर्शन एवं कार्य बहिष्कार करना न केवल अनुचित है अपितु अवैधानिक भी होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। संवाद