तहसील खैर के उटवारा और गभाना के बरका गांव के बीच कटी मध्य गंग नहर की पटरी से शनिवार की सुबह छह गांवों के एक हजार किसानों की 2500 बीघा की फसलें जलमग्न हो गई थीं। सबसे ज्यादा नुकसान धान, बाजरा, मक्का और ज्वार की फसलों को नुकसान हुआ था। राजस्व विभाग की टीमों ने सोमवार से दोनों तहसीलों के गांवों में फसलों की क्षति का सर्वे शुरू कर दिया है।
सोमवार को राजस्व विभाग की टीमों ने फसलों की क्षति का सर्वे शुरू किया। सिचाई विभाग के कर्मचारी नहर की पटरी को दुरुस्त करने में जुटे रहे। इस घटना में बरका, उदयपुर, जरारा, ऐंचना, चांजोर समेत छह गांवों के किसानों की करीब ढाई हजार बीघा से अधिक फसलें जलमग्न हो गई।
30 घंटे बाद रविवार को नहर की कटी पटरी की मरम्मत की जा सकी। अब खेतों से पानी निकल रहा है। जो खेत नीचे की तरफ हैं, उनमें पानी भरा है। सोमवार को गांवों का जायजा लेने के बाद एसडीएम गभाना विनीत मिश्रा ने बताया कि लेखपाल, कानूनगो की मदद से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसके बाद मुआवजा मिलेगा।