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शिक्षार्थी बाल चित्रकला सम्मान मेरा नहीं, पिताजी का सम्मान : शिवाशीष

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शिवाशीष। - फोटो : CITY OFFICE
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शहर के चित्रकार शिवाशीष शर्मा को उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान से शिक्षार्थी बाल चित्रकला सम्मान मिला है। उन्हें पुरस्कार स्वरूप 51 हजार रुपये, अंग वस्त्र, प्रशस्ति पत्र मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनका नहीं, बल्कि पिता प्रेम किशोर पटाखा का है, जिनके प्रोत्साहन से वह इस मुकाम पर पहुंच पाए हैं।
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सम्मान की घोषणा से अभिभूत शिवाशीष ने कहा कि उन्हें जो पुरस्कार राशि मिलेगी, उससे जिला स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित करेंगे, जो नि:शुल्क होगा और उसमें रंग और कागज स्वयं देंगे। उन्होंने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर में 12 गुणा छह फुट स्रद्ध 24 पेंटिंग सात दिन में सिख गुरुओं की बनाई थी। वह 10 साल की उम्र से चित्रकारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसवी कॉलेज के सेवानिवृत्त चित्रकला के शिक्षक डॉ. महेश चंद्र वार्ष्णेय व वृंदावन के चित्रकार दंपती किशोर गोस्वामी की पेंटिंग देखकर सीखा है। शिवाशीष ने कहा कि राष्ट्रीय चित्रकला संगम सम्मान वर्ष 2007 में राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने उन्हें दिया था। उन्होेंने कहा कि चित्रकला सीखने के लिए 22 किताबें लिख चुके हैं। इसका श्रेय पिताजी को जाता है, क्योंकि बचपन में जब वह चित्रकारी में रंग खराब कर देते थे, तो वह डांटने के बजाय कहते और अच्छा बनाओ।
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