एटा कोतवाली देहात क्षेत्र से सोमवार सुबह कार सवारों ने दसवीं के छात्र का कथित तौर पर अपहरण कर लिया। अलीगढ़ रेलवे स्टेशन के बाहर कार सवार बदमाश कुछ सामान लेने के लिए रुके, तभी मौका पाकर छात्र कार से उतर कर भाग गया। उसने चालाकी का परिचय दिया और गश्त कर रहे रसलगंज चौकी प्रभारी दरोगा के पास पहुंच गया। छात्र की यह बातें सुन पुलिस हरकत में आई और कार सवार घेरने का प्रयास हुआ। मगर कोई नहीं मिला। इधर, छात्र से पूछताछ के बाद देर रात तक चली जांच में यह अपहरण का नाटक उजागर हुआ। पूछताछ के बाद छात्र को परिवार को सौंप दिया गया।
हुआ यूं कि एटा कोतवाली देहात के बहादुरगढ़ का 15 वर्षीय दसवीं का छात्र लव कुमार पुत्र कोमल सिंह दोपहर में गश्त करते घूम रहे रसलगंज चौकी प्रभारी महीपाल सिंह के पास दौड़ता हुआ पहुंचा। उसने बताया कि कार सवार उसका एटा से अपहरण कर लाए हैं। बेहोश करके रखा गया था। मगर कुछ देर पहले वह रेलवे स्टेशन के बाहर कुछ सामान लेने रुके थे, तभी वह मौका पाकर उतरकर भाग आया है। पुलिस ने बच्चे की जानकारी के आधार पर वायरलेस के जरिये सूचना प्रसारित कर कार सवारों की तलाश शुरू कराई। मगर काफी प्रयास के बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला। बाद में बच्चे के घर सूचना दी गई।
इसी बीच पता चला कि बच्चे के फूफा श्याम सुंदर हरदुआगंज थाने में तैनात हैं तो खबर देकर उन्हें रसलगंज बुलाया गया। वे जांच पड़ताल के बाद बच्चे को अपने साथ ले गए। इधर, जानकारी मिलने पर एसएसपी कलानिधि नैथानी ने सीसीटीवी कंट्रोल रूम टीम व सर्विलांस टीम को कार सवारों की तलाश में लगाया। देर शाम तक टीमें सक्रिय थीं। इंस्पेक्टर बन्नादेवी प्रदीप कुमार ने बताया कि देर रात तक हुई पूछताछ व जांच में पता चला कि बच्चे का अपनी सौतेली मां से कलह हुई थी। इसी कलह में वह घर से भाग आया था। अपहरण की बात नाटक उजागर हुई है। बच्चा परिवार को सौंप दिया गया है।
परिवार को तलाश में मिली साइकिल
पुलिस पूछताछ में छात्र ने बताया कि उसके पिता गैस एजेंसी पर काम करते हैं। वह दो भाई व दो बहनों में सबसे बड़ा है। परिवार ने पुलिस को बताया कि रोजाना की तरह साइकिल से वह कोचिंग गया था। तभी रास्ते में कार सवारों ने अपहरण कर लिया। इधर, जब वह कोचिंग नहीं पहुंचा तो परिजनों के पास आठ बजे सुबह कोचिंग से फोन पहुंचा। इस पर उसकी तलाश शुरू की। इसी तलाश के दौरान घर से करीब 600 मीटर दूरी पर उसकी साइकिल लावारिस अवस्था में मिली। बाद में परिवार ने एटा पुलिस को खबर दी। यहां की पुलिस ने उसके पिता से भी वार्ता की। फूफा के जरिये बच्चे को एटा भेजा गया है। मगर जांच में सच्चाई उजागर हो गई।