सिपाही ने महिला के साथ अभद्रता व खींचतान की। मोबाइल छीनकर जमीन पर पटककर तोड़ दिया। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस हंगामे के दौरान नगर निगम में भीड़ जमा हो गई। सहायक नगर आयुक्त पूजा श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर विवाद शांत कराया। बाद में दरोगा ने महिला के खिलाफ धमकी, गाली देने, वर्दी फाडऩे व पिस्टल छीनने के प्रयास में तहरीर दी है। इस मामले में सीओ द्वितीय विशाल चौधरी ने बताया कि दरोगा मुकदमे में नोटिस तामील कराने गए थे। इस दौरान महिला विरोध में आ गई। महिला के जो आरोप हैं, उनकी जांच की जा रही है। सीसीटीवी व वायरल वीडियो देखा जा रहा है। महिला के आरोपों की भी जांच हो रही है। दरोगा के अपने आरोप हैं।
यह है मूल विवाद
इस विवाद के विषय में सहायक नगर आयुक्त पूजा श्रीवास्तव ने बताया कि एक मृत्यु प्रमाणपत्र का यह प्रकरण है। जिसमें नूर मोहम्मद की मौत के बाद 16 मार्च 2022 को ग्राम पंचायत हरदासपुर तहसील कोल में मृत्यु प्रमाणपत्र का आवेदन हुआ। उसके अगले ही दिन 17 मार्च को जन्म प्रमाणपत्र जारी हो गया। इस पर संदीप व उनकी पत्नी अल्का ने इसे फर्जी बताकर आपत्ति लगाई। जांच में डीपीआरओ ने बताया कि उनके यहां से ऐसा कोई पत्र जारी नहीं हुआ। इस आधार पर यह पत्र फर्जी साबित हुआ। अब नगर निगम ने 16 जून 2023 को एसडीएम कोल की रिपोर्ट लगने पर नगर निगम से प्रमाणपत्र जारी किया गया। इसे भी फर्जी करार दिया गया है।
इसी मामले में जांच में मृतक व शाहजहां नाम की महिला के बीच पति-पत्नी के रिश्तों की रिपोर्ट सफाई निरीक्षक ने दी है। इसी तथ्य की जानकारी के लिए नोएडा के दंपती आए थे। उनसे दोपहर तक बैठने के लिए कहा गया था। वे नगर निगम में बैठे थे। इसी दौरान पुलिस कहां से आई और उनके बीच विवाद हो गया। क्यों आई, यह जानकारी नहीं है। मगर उन दोनों में विवाद हुआ यह सही है। जो संपत्ति है, वह नोएडा में है। उसका शहर से कोई नाता नहीं है। मालिकाना हक को लेकर दोनों पक्ष लड़ रहे हैं।