उद्योग व्यापार संगठन की प्रेसवार्ता में जीएसटी अफसरों को चेतावनी दी गई कि वे व्यापारियों का उत्पीड़न बंद करें। नहीं तो उन्हें उनके दफ्तर में बंद कर दिया जाएगा। इस दौरान संरक्षक अनुराग गुप्ता, जिलाध्यक्ष उमेश श्रीवास्तव आदि ने कहा कि जीएसटी एक्सपर्ट्स मीटिंग में यूपी टैक्स बार काउंसिल के चेयरमैन गिरिराज किशोर वार्ष्णेय, सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट डॉक्टर मयूर चंद्रा, सीए चार्टर्ड अकाउंटेंट अलीगढ़ के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल से बातचीत के बाद तय हुआ है कि जीएसटी काउंसिल द्वारा ट्रिब्यूनल का गठन होना अति आवश्यक है। यह गठन अलीगढ़ जनपद में होना चाहिए।
जीएसटी काउंसिल में सबूतों को इकट्ठा कर व्यापारी वाद दायर करें जीएसटी काउंसिल में भेजे गए पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, वाणिज्य कर आयुक्त लखनऊ को भेजना आवश्यक है। ताकि उत्पीड़न पर लगाम लग सके। वर्तमान में बोगस फर्मों का जमावड़ा केंद्र सरकार के अधीन जीएसटी काउंसिल की गलत नीतियों के कारण हो रहा है। जिसमें फर्मों का बिना सर्वे किये रजिस्ट्रेशन हो रहा है। आज की स्थिति में हमें भी जीएसटी को समझना भारी पड़ रहा है। जिसका नुकसान मध्यम वर्ग के व्यापारी को उठाना पड़ रहा है। इस कष्ट दाई पीड़ा को समाप्त करने के लिए हर स्तर पर संगठन मजबूती से विरोध करेगा। यदि छापेमारी बंद नहीं की गई तो जल्द ही वाणिज्य कर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उन्हीं के दफ्तर में बंधक बनाए जाएंगे। इस मौके पर महानगर अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, महानगर महामंत्री हरिकिशन वार्ष्णेय, युवा महानगर अध्यक्ष सौरभ कैपिटल, मिलिंद वार्ष्णेय, सुनील साइंटिफिक आदि उपस्थित थे।