फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Aligarh News: बाइक रैली निकालने के विवाद में पथराव, कई घायल

विज्ञापन
अहिल्याबाई होल्कर जयंती पर मडराक में पथराव के बाद जुलूस निकाल रहे लोगों को समझाते पुलिस कर्मी।  - फोटो : samvad
विज्ञापन
मथुरा रोड के गांव समस्तपुर कीरतपुर में बुधवार सुबह महारानी अहिल्याबाई होल्कर जयंती पर बाइक रैली निकाल रहे युवाओं की रास्ते के विवाद में ग्रामीणों से भिड़ंत हो गई। इस दौरान जमकर पथराव के बीच मारपीट हुई। आधा दर्जन से ज्यादा वाहन भी क्षतिग्रस्त कर दिए। दोनों ओर से कई लोग घायल हुए हैं।
विज्ञापन




खबर पर पहुंची पुलिस के सामने भी पथराव हुआ। पुलिस लाठी फटकार कर दोनों पक्षों को खदेड़ा। बाद में एसएसपी व एसपी देहात पहुंच गए। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस-पीएसी की पिकैट तैनात की गई। हालांकि देर रात तक मामले में तहरीर नहीं मिली। दोनों पक्षों के अपने-अपने आरोप हैं।




घटनाक्रम सुबह करीब साढ़े नौ बजे का है। गांव कीरतपुर के गंगा मंदिर से महारानी अहिल्याबाई होल्कर जयंती पर युवाओं ने बाइक रैली की शुरुआत की। इसमें पचास से ज्यादा बाइकों पर सौ से ज्यादा युवा शामिल थे। हाथों में झंडे लिए युवा नारेबाजी करते चल रहे थे। उनके आगे मैक्स लोडर वाहन में डीजे साउंड गाने बजाते चल रहा था। इसी दौरान गांव में घुसते समय रास्ते के विवाद में दूसरे पक्ष के युवाओं से रैली में शामिल युवाओं का टकराव हो गया। यहां बिना पूर्व अनुमति या बिना पूर्व सूचना के रैली निकालने के तर्क रखे गए। इसी बीच दोनों पक्षों के युवाओं में मारपीट हुई तो ग्रामीण पक्ष की ओर से पथराव शुरू कर दिया गया। जवाब में रैली में शामिल युवाओं के पक्ष से भी ईंट पत्थर फेंके गए।
विज्ञापन




पथराव में रैली में शामिल अहमदपुर का मनीष, हसनपुर का उमेश, बीठना का सोरन सिंह उर्फ सोनू व दूसरे पक्ष से कीरतपुर के पवन, भूरा, पुष्पादेवी घायल हो गए। सूचना पर सीओ इगलास व इंस्पेक्टर मडराक मौके पर पहुंच गए। घायलों को वहां से निकालते हुए अस्पताल भेजा जा रहा था। इसी बीच पुलिस के सामने फिर ग्रामीण पक्ष ने पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान गाड़ी में सवार सीओ बाल-बाल बच गए। किसी तरह भीड़ को लाठी फटकारकर खदेड़ा गया। इसी बीच एसएसपी कलानिधि नैथानी, एसपी देहात पलाश बंसल आदि भी भी आसपास के फोर्स के साथ पहुंच गए। पुलिस बल ने पहुंचकर फिर वहां गलियों में घूमकर लोगों को खदेड़ा, तब जाकर हालात सामान्य हुए।




मौके पर सात क्षतिग्रस्त वाहन पुलिस ने एकत्रित किए, जो रैली में आए युवकों के हैं। बाद में गांव में पुलिस के साथ-साथ पीएसी की पिकैट लगवा दी और काफी देर तक एसएसपी ने गांव में भ्रमण किया। घायलों को जिला अस्पताल भेजा। जिनमें से दो लोगों को मेडिकल कॉलेज भेजा गया। वहीं कुछ लोगों को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया गया।






रास्ता या अहम इस विवाद का कारण

इस घटना को लेकर देर शाम तक किसी पक्ष की ओर से तहरीर तो नहीं आई। मगर दोनों पक्षों के अपने अपने आरोप हैं। रैली निकाल रहे पक्ष का कहना है कि उन्हें रैली निकालने पर दूसरे पक्ष के द्वारा रोका गया। कहा गया कि उनके दरवाजे से रैली न निकालो और वापस ले जाओ। इसका विरोध किया तो पथराव किया गया। वहीं, दूसरे पक्ष से घायल पवन व भूरा आदि का कहना है कि एक तो रैली में शामिल बाइक से उनके जानवरों के बंधने का खूंटा टूटा था। दूसरा खेत से सिर पर चारा ला रहा परिवार का युवा बाइक सवारों ने रोका था। उसने सिर पर वजन का हवाला दिया तो इनके द्वारा मारपीट की गई। पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की जांच करते हुए अपनी ओर से मुकदमे की तैयारी में है।






-अब तक की जांच में साफ हुआ है कि बिना पूर्व सूचना, बिना अनुमति के पहली बार यह बाइक रैली निकाली जा रही थी। ग्रामीण पक्ष का कहना है कि रास्ते में इनके द्वारा बाधा पैदा की गई। इसी बात पर विवाद हुआ। फिलहाल गांव में शांति है और पुलिस तैनात कर दी गई है। आरोपियों को चिह्नित किया जा रहा है। - कलानिधि नैथानी, एसएसपी








बसपा नेताओं ने किया घटना का विरोध

अलीगढ़। अहिल्याबाई होल्कर जयंती पर समर्थकों द्वारा रैली निकाले जाने और दूसरे पक्ष के लोगों द्वारा रास्ते के विवाद में विवाद पैदा किया जाने का बसपा ने विरोध किया है। बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रतनदीप सिंह व महापौर प्रत्याशी सलमान शाहिद ने जारी बयान में कहा है कि यह वर्ग विशेष द्वारा जानबूझकर की गई साजिश का हिस्सा है। भाजपा शासन में कमजोर वर्ग को इस तरह के आयोजनों की स्वतंत्रता नहीं है। इस मामले में उनके द्वारा आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें