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पीएफआई की शाखा एसडीपीआई के प्रदेशाध्यक्ष को हिरासत में लिया

सार

आतंकी व राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए फंडिंग करने वाले संगठन पीएफआई की शाखा एसडीपीआई (सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया) के प्रदेशाध्यक्ष निजामुद्दीन खान को एसटीएफ ने अलीगढ़ से हिरासत में लिया है। आईबी के इनपुट पर पीएफआई के सक्रिय सदस्य के रूप में चिह्नित किए गए निजामुद्दीन को सोमवार मध्य रात्रि एसटीएफ ने धौर्रा इलाके से दबोचा। पूछताछ में एसटीएफ, आईबी, एनआईए, एटीएस, राज्य खुफिया ब्यूरो आदि की टीमें शामिल हैं।
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बहराइच में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्य? - फोटो : CITY OFFICE
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विस्तार
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आतंकी व राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए फंडिंग करने वाले संगठन पीएफआई की शाखा एसडीपीआई (सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया) के प्रदेशाध्यक्ष निजामुद्दीन खान को एसटीएफ ने अलीगढ़ से हिरासत में लिया है।
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आईबी के इनपुट पर पीएफआई के सक्रिय सदस्य के रूप में चिह्नित किए गए निजामुद्दीन को सोमवार मध्य रात्रि एसटीएफ ने धौर्रा इलाके से दबोचा। मूल रूप से बलरामपुर का निजामुद्दीन पिछले कई वर्ष से यहां परिवार के साथ रह रहा था। मंगलवार देर रात तक उससे पूछताछ के साथ-साथ व क्वार्सी में मुकदमा दर्ज किए जाने की तैयारी थी।
एजेंसियों व पुलिस के विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, मूल रूप से बलरामपुर के तुलसीपुर पचेड़वा के गांव परसा बुजुवा का 54 वर्षीय निजामुद्दीन खान करीब तीन वर्ष से पत्नी-बच्चों के साथ धौर्रा की मस्जिद के पास डॉ. अफरोज के मकान में किराये पर रह रहा है। आईबी के इस इनपुट पर सोमवार रात करीब दो बजे एसटीएफ यूनिट ने जिला पुलिस से संपर्क किया और धौर्रा पहुंचकर निजामुद्दीन को दबोच लिया।
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इसके बाद उससे किसी गुप्त स्थान पर अलग-अलग तथ्यों से पूछताछ की जाती रही। पूछताछ में एसटीएफ, आईबी, एनआईए, एटीएस, राज्य खुफिया ब्यूरो आदि की टीमें शामिल हैं। देर रात तक पूछताछ का क्रम जारी था। सूत्रों से अभी तक मिली जानकारी के अनुसार, निजामुद्दीन 2016 से पीएफआई से जुड़ा था और यहां छिपकर रह रहा था।
उसने पिछले कुछ वर्षों में दक्षिण भारत के राज्यों में जाकर लोगों को पीएफआई से जोड़ने का काम किया है। साथ ही, सोशल मीडिया के जरिये भी लोगों को जोड़ने और फंडिंग करने की जानकारी भी उससे मिली है। देर रात एसएसपी कलानिधि नैथानी ने निजामुद्दीन को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि जो भी एसटीएफ स्तर से लिखकर दिया जाएगा, उस आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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