नगर निगम की टीम के सामने धरना देते सपा नेता
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भारत संचार निगम लिमिटेड कार्यालय के सामने और तिब्बिया दवाखाना स्थित दवाखाना की दुकान तोड़ने पहुंची नगर निगम की टीम के सामने सपाई आ गए। दुकान न तोड़ने को लेकर वह धरने पर बैठ गए। तिब्बिया दवाखाना में स्थित दुकान स्वामी के पहुंचने और सामान निकालने के लिए मोहलत मांगी। वहीं, मेयर ने भी नगर आयुक्त से समय देने का अनुरोध किया था।
मंगलवार दोपहर को नगर निगम की टीम बुलडोजर के साथ इन दुकानों को तोड़ने पहुंची। जैसे ही यह खबर सपाइयों को मिली, वैसे ही वह मौके पर पहुंच गए। सपा नेता अज्जू इशाक ने बताया कि घंटाघर, यूनिवर्सिटी सर्किल रोड की चौड़ीकरण के नाम पर 40 साल पहले तिब्बिया दवाखाना के बराबर अनुसूचित जाति के अशोक कुमार और रोहिताश के नाम से दुकानें आवंटित हुई थीं।
आवंटित यूनानी मेडिकल स्टोर की दो दुकानों को ढहाने वास्तविक मालिकों की गैर मौजूदगी में नगर निगम की टीम बुलडोजर के साथ बिना किसी सूचना के पहुंच गया। कुंवर कयूम अली खां ने इसकी जानकारी सपाइयों को दीं। अज्जू इशाक, मनोज यादव, बिजेंद्र सिंह, इसरार सोलंकी, आमिर आबिद सहित अन्य सपाई दुकान के आगे बैठ गए।
अज्जू ने बताया कि पिछले दिनों नगर आयुक्त से मिलकर दुकान स्वामी के आने और दवाएं निकालने के बाद नगर निगम अपनी कार्रवाई करे। फिर भी टीम पहुंच गई। उधर, महापौर मोहम्मद फुरकान ने कहा कि दुकानदार उनसे मिलने आए थे। उन्हें झूठी तसल्ली नहीं दी, बल्कि उनसे कहा कि वह अपनी दवाएं आदि सामान निकाल लें। इसके लिए नगर आयुक्त से एक दिन का समय मांगा है।