पूर्व विधायक मलखान सिंह हत्याकांड में दोषी करार होने के बाद फरार हुए अपराधी सोनू गौतम की मदद करनेवाला एक आरोपी एसटीएफ व गुलावठी पुलिस ने मुठभेड़ में घायल होने पर गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से अवैध असलाह, फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। आरोपी को पूछताछ व उपचार के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
एसटीएफ यूनिट मेरठ व थाना गुलावठी पुलिस की एक टीम सोमवार देर रात बुलंदशहर हाईवे पर छपरावत गांव के पास संदिग्ध वाहन/व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। उसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति काली स्कार्पियो के पास अपने अवैध शस्त्र लाइसेंस को फाड़ रहा था। पास जाकर पूछताछ करने पर बदमाश ने खुद को पुलिस से घिरता देख जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस टीम की जवाबी फायरिंग में बदमाश गोली लगने से घायल हो गया, जिसको घायलावस्था में गिरफ्तार किया गया है।
पकड़े गए आरोपी की शिनाख्त जितेन्द्र उर्फ जीतू निवासी बिलखोरा थाना सासनी जनपद हाथरस के रूप में हुई है। जिसको उपचार के लिए सीएचसी गुलावठी में भर्ती कराया गया। पूछताछ में सामने आया कि अभियुक्त सन 2006 में पूर्व विधायक मलखान सिंह की हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा पाने वाले सोनू गौतम का शागिर्द ड्राइवर है। बीते दिनों सोनू की फरारी के दौरान भी उसने उसका साथ दिया था। आरोपी के पास से पुलिस ने एक पिस्टल, एक स्कार्पियो कार, तीन फर्जी शस्त्र लाइसेंस और एक फर्जी आधार कार्ड बरामद किया है।
सोनू और उसके 13 मददगारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
पूर्व विधायक मलखान सिंह की हत्या में दोषी सोनू गौतम और फरार होने में उसकी मदद करने वाले 13 आरोपियों के खिलाफ एसटीएफ ने नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। सोनू अदालत में फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट लगाकर फरार हुआ था। उसे एसटीएफ ने 12 फरवरी को गिरफ्तार किया था। एसटीएफ निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि सोनू ने तेजवीर सिंह उर्फ गुड्डू और अपने बड़े भाई हनी गौतम के कहने पर विधायक मलखान की हत्या की थी। 27 जनवरी को अन्य अभियुक्तों के साथ उसे भी न्यायालय में पेश होना था, लेकिन वह न्यायालय में फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट लगाकर फरार हो गया था। न्यायालय के सभी 15 आरोपियों को दोषी करार देने के बाद सोनू को छोड़कर 14 दोषियों को जेल भेज दिया गया था।
सोनू ने बताया कि फरारी के बाद उसने साथी आदित्य निवासी मदनगढ़ खैर जनपद अलीगढ़ से कहीं भागने के लिए मदद मांगी थी। जिसके बाद अलीगढ़ के मोहल्ला शीशिया पाड़ा निवासी शिवम ने उसे कार उपलब्ध कराई। कार से वह जीतू उर्फ जितेंद्र निवासी बिलखोरा खुर्द सासनी हाथरस, बल्लू यादव निवासी मोहनपुर थाना मुरार जनपद ग्वालियर मध्यप्रदेश और टप्पू जाट उर्फ फौजी निवासी धौलपुर राजस्थान के साथ मैनपुरी निवासी हरिकेश के यहां पहुंच गया। उससे खर्च के लिए पांच हजार रुपये लेने के बाद बल्लू के बहनोई रंजेश यादव निवासी करहल मैनपुरी के यहां रात में रुके। अगले दिन सुबह सोनू ने अपने भतीजे भीम निवासी शहरी मदनगढ़ व दीपक निवासी मोहल्ला सुदामापुरी को दूसरी गाड़ी लेकर करहल बुलाया। उस गाड़ी को लेकर चारों आरोपी बल्लू के राजस्थान धौलपुर स्थित किराये के मकान पर पहुंच गए।
वहां से सोनू और जीतू झांसी में राजा यादव निवासी बोढ़ापुर के फार्म हाउस चले गए। वहां चार फरवरी तक रुका। इस दौरान वहां राजा को ऑनलाइन 90 हजार रुपये ट्रांसफर करने के बदले नकद लेकर सोनू और जीतू पांच फरवरी को दिल्ली के तिमरपुर निवासी अजय त्यागी के घर पहुंचे। वहां उससे बातचीत कर व कुछ रुपये लेकर दिल्ली स्थित अपने फ्लैट पर पहुंच गया। छह फरवरी को एक बार फिर दोनों आरोपी झांसी पहुंचे और नौ फरवरी तक राजा यादव के फार्म हाउस पर ही रुके। दस फरवरी को जीतू ने सोनू गौतम को दिल्ली स्थित उसके फ्लैट पर छोड़ दिया था।
सोनू ने बताया कि प्रॉपर्टी डीलिंग में उसका पार्टनर मनोज गौतम निवासी गुर्ज नगरिया जनपद अलीगढ़ रंगदारी व प्रॉपर्टी का पैसा एकत्रित करता है। इसके बाद उसे दूसरे साथी दीपक कुमार निवासी सुदामापुरी अलीगढ़ को दे देता है। जहां से पैसे को सोनू की महिला मित्र सरिता पचौरी निवासी गांव पोहिना अलीगढ़ के खाते में भेज दिए जाते हैं। जिसका फोन-पे व पेटीएएम के माध्यम से सोनू इस्तेमाल करता है। पुलिस ने सोनू समेत उसका साथ देने वाले जीतू उर्फ जितेंद्र, बल्लू यादव, टप्पू जाट, शिवम चौहान, हरिकेश, रंजेश, भीम, दीपक कुमार, राजा यादव, अजय त्यागी, मनोज गौतम, आदित्य और सरिता पचौरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
फर्जी आधार कार्ड का किया इस्तेमाल
सोनू ने पूछताछ में बताया कि उसे आशंका थी कि सजा हो जाएगी। इस कारण उसने फर्जी आधार कार्ड व फर्जी शस्त्र लाइसेंस इस्तेमाल किए। यह सब जीतू ने उसे उपलब्ध कराया था।