कारगिल की लड़ाई में बलिदान देने वाले गांव जौहरा निवासी योगेंद्र सिंह चौहान की प्रतिमा पर कारगिल विजय दिवस के दिन भी अधिकारी, जनप्रतिनिधि दो पुष्प अर्पित करने नहीं पहुंचे। कारगिल बलिदानी की इस उपेक्षा पर दर्द की आह निकालते हुए बलिदानी की मां मूर्ति देवी ने कहा- बेटे ने देश के लिए अपने प्राण दे दिए, लेकिन किसी से दो पुष्प देते न बना।
इस उपेक्षा पर बलिदानी योगेंद्र सिंह चौहान की मां मूर्ति देवी का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने कारगिल के युद्ध में देश के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया। पूरे ब्लॉक क्षेत्र में इकलौता उनका बेटा कारगिल में बलिदान हुआ। देश भर में सरकार और तमाम संस्थाएं कारगिल दिवस मना रही हैं लेकिन उनके बेटे की मूर्ति पर दो पुष्प चढ़ाने तक की किसी अधिकारी अथवा जनप्रतिनिधि को फुर्सत नहीं मिली?
परिवार वालों ने जौहरा गांव में बलिदानी योगेंद्र सिंह चौहान का स्मारक बना रखा है। परिवार के लोगों ने ही बुधवार को भी पार्क की सफाई की। बलिदानी योगेंद्र सिंह की मूर्ति पर पुष्पमालाएं अर्पित कीं। उनकी वीरता को याद किया।