शहर और देहात क्षेत्र की सड़कें पहले से ही बदहाल थीं, इन पर पैदल चलना दूभर हो रहा था। तीन दिन तक हुई बारिश ने इनकी सूरत और बिगाड़ दी है। स्मार्ट सिटी की सड़कों का और बुरा हाल हो गया है। हर प्रमुख सड़क में गड्ढे हैं, चाहें वह रामघाट रोड या फिर रेलवे स्टेशन रोड हो।
बारिश में उखड़ी सड़कों की रोड़ी, गिट्टी, बजरी फैल गई है, जिनमें वाहन अनियंत्रित हो रहे हैं। दो पहिया वाहन चालक गिरकर जहां चोटिल हो रहे हैं तो बड़े वाहनों की कमानी टूटने के साथ वह पलट जा रहे हैं। पंचर एवं टायर फट जाने की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। सरकार का दावा था कि बारिश से पहले सड़कों के सारे गड्ढे भर जाएंगे, लेकिन लापरवाही का आलम यह है कि न तो गड्ढे भरे गए हैं और न ही सड़कों की मरम्मत हो सकी है।
हाईवे पर भी अनगिनत गड्ढे
अलीगढ़-गाजियाबाद एक्सप्रेसवे के खुर्जा बॉर्डर तक करीब 32 किमी के हिस्से में सड़क पर बारिश के बाद हालात बिगड़ गए हैं। यह वह मार्ग है, जहां से वाहन चालकों टोल टैक्स भी भरना पड़ता है। इसे बावजूद सड़क जर्जर है।
सड़क में अनगिनत गड्ढे हैं, जिससे लगता ही नहीं है कि यह हाईवे का रोड है अथवा किसी गांव का दगड़ा। हाईवे के कटरा मोड़, सोमना मोड़, तहसील मोड़, बरौली मोड़, ओवर ब्रिज, चूहरपुर, पला सल्लू, बीधानगर, भांकरी, भुकरावली, सारसौल चौराहे तक सड़कें उखड़ चुकी हैं।
हादसों का सबब बन रहे शहर की सड़कों के गड्ढे
नादा पुल, आईटीआई रोड, पुलिस लाइन, रसलगंज चौराहे पर सड़कों में गहरे-गहरे गड्ढे हो गए हैं। रेलवे स्टेशन रोड, स्टेट बैंक तिराहा, मैरिस रोड़, अब्दुल्ला गर्ल्स कॉलेज रोड, महाजन होटल मीनाक्षी पुल, दुबे का पड़ाव, एटा चुंगी, रामघाट रोड आदि स्थानों पर हुए गड्ढों में वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
देहात में भी हालात बदतर
देहात क्षेत्र में इगलास, मडराक, अतरौली, बरला, गंगीरी, अकराबाद, जलाली, हरदुआगंज, जवां, बरौली, गभाना, चंडौस, जट्टारी आदि क्षेत्रों में संपर्क मार्ग बेहद खस्ताहाल में हैं। इन संपर्क मार्गों में गड्ढों की भरमार है। इससे राहगीरों एवं वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
- सड़कों में हो रहे गड्ढों को भरने के लिए बारिश बंद होने के बाद अभियान चलाया जाएगा। सड़क में जहां जहां गड्ढे हैं, उन्हें भरवाया जाएगा।
- योगेश कुमार, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग