लंबे समय बाद भाई को देखकर छलकी आंखें
1- पालीमुकीमपुर क्षेत्र के कस्बा बिजौली निवासी सरिता जेल में चोरी के मामले में चार साल से बंद भाई को राखी बांधने पहुंची थी। भाई को लंबे समय बाद देखा तो अपनी भावनाओं को नहीं रोक सकी और भाई के गले लगकर काफी देर तक रोती रही। किसी तरह भाई ने उसे संभाला और विदाई दी।
2- शहर के सुरेंद्र नगर निवासी राखी देवी के भाई और अन्य परिजन रंजिशन हुई हत्या के मामले में जेल में बंद हैं। राखी अपने भाई को राखी बांधने पहुंची तो भाई को देख आंखों से जलधारा बह निकली। राखी को दूसरी बहनों ने बमुश्किल संभाला और शांत कराया।
अंदर ही मिला खाने-पीने का सामान
वरिष्ठ जेल अधीक्षक बृजेंद्र कुमार यादव ने बताया कि कारागार में 2125 बहनों ने अपने-अपने भाइयों के राखी बांधी। 28 पुरुष भी बहनों से राखी बंधवाने पहुंचे थे। इस दौरान 782 बच्चे भी जेल में बंद परिवार वालों से मिलने पहुंचे। उन्होंने बताया कि जेल में बंद बंदियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने जेल परिसर में ही मिठाई और खाने-पीने समेत अन्य सामान की व्यवस्था कराई थी। जेल के मुख्य गेट से लेकर अंदर बैरक तक जाने के लिए बैरिकेडिंग कराई गई थी। उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर बाहर से घेवर मिठाई आदि को जेल के अंदर नहीं लाने दिया गया था। जेल प्रशासन ने ही मिठाई उपलब्ध कराई।