कस्बे की सीमा पर करबन नदी पर पड़े वाले दोनों पुलों के नीचे सोमवार को जेसीबी से सफाई कराई गई। हालांकि जेसीबी से आधी-अधूरी सफाई हुई क्यों कि पुल के नीचे जेसीबी नहीं जा सकती थी। वहीं करबन नदी की कटी पटरी की सोमवार को भी मरम्मत नहीं करवाई गई है, जिससे करीब 300 बीघे में पानी भरा था।
चंडौस-पिसावा मार्ग व काली मंदिर के पास सड़क को करबन नदी क्रास कर रही है। इन पर दो पुल बने हैं। लंबे समय से सफाई न होने से दोनों पुलों के नीचे और आसपास ऊपर तक सिल्ट भर गई थी। इससे बारिश का पानी बढ़ने से करबन नदी की पटरी कट गई थी।
सोमवार को सिंचाई विभाग ने काली मंदिर के पास करबन नदी पुल के नीचे जेसीबी से सिल्ट की सफाई कराई। काफी मात्रा में घास और कबाड़ सहित मिट्टी निकाली गई। इस अधूरी सफाई पर भी किसानों ने राहत की सांस ली, क्यों कि इतने से भी पानी का बहाव सुचारू हो जाएगा। हालांकि जौहरा के पास कटी पटरी की मरम्मत सोमवार को भी नहीं कराई गई।
कोट...
-फसलों में पानी का भराव देखते हुए पुलों के पास के पास सफाई करा दी है। इससे करबन नदी का पानी ओवरफ्लो कर बाहर नहीं बहेगा। -ओमकार सिंह, एसडीओ सिंचाई विभाग, बुलंदशहर।
-चंडौस में करबन नदी के दोनों पुलों के पास एकत्र घास और सिल्ट को जेसीबी से साफ करवा दिया गया है। अब फसलों में पानी नहीं भरेगा। -विनीत मिश्रा एसडीएम गभाना।
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तीन साल में एक बार होती है सफाई
चंडौस। सिंचाई विभाग के एसडीओ ओमकार सिंह का कहना है कि तीन साल में एक बार करबन नदी की सफाई होती है। इससे पहले बजट नहीं मिलता। मार्च 2022 में करबन नदी की सफाई कराई गई थी। अब जून 2025 में करबन नदी की सफाई होगी। सफाई के समय ही नदी की पटरी बनवाई जाती है।
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नदी की पटरी पर करा लिया पक्का निर्माण
चंडौस। कस्बे के लोगों का कहना है कि करबन नदी के पुल के पास एक व्यक्ति ने करबन नदी की पटरी पर मकान व दुकान बना ली है। सिंचाई विभाग की ओर से पूर्व में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन नदी की पटरी का अतिक्रमण आज तक नहीं हटवाया जा सका है।