खाटू नरेश के जयकारों के संग सैंकड़ों हाथों में लहराते निशान, पवित्र अग्नि की ज्योति के साथ हर तरफ फूलों की वर्षा के बीच उमड़ा आस्था का सैलाब और धार्मिक उल्लास। कुछ ऐसा ही नजारा था सोमवार को श्याम परिवार मित्र मंडल के तत्वावधान में आयोजित खाटू श्याम निशान यात्रा का। बैंडबाजे एवं ढ़ोल- नगाड़े संग कई नयनाभिराम आकर्षक झांकियां भक्तों को आकर्षित कर रहीं थीं। सबसे पीछे रथ में सतरंगी फूलों से सजे भगवान खाटू श्याम विराजमान थे। बाबा श्याम की झांकी को देखने एवं पूजा-अर्चन करने को सड़क किनारे भक्तों की कतारें लगी हुई थीं। जहां-जहां से निशान यात्रा गुजरी वहां पर भक्तों ने पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। राजा गार्डन पर यात्रा का समापन हुआ।
आरती उतारकर पूजा-अर्चन
महानगर के रामघाट रोड स्थित मीनाक्षी पुल के पास इमली वाली गली से शुरू हुई निशान यात्रा का गांधी नेत्र चिकित्सालय तिराहा, किशनपुर तिराहा आदि स्थानों पर निशान यात्रा का पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। स्वागत के लिए बड़ी संख्या में स्टॉल लगाए गए थे। भक्तों ने श्याम बाबा के दर्शन करते हुए हारे के सहारे का गुणगान किया। यात्रा में भक्त झूमते-गाते चल रहे थे। प्रारम्भ से लेकर समापन तक शोभायात्रा में हर तरफ खाटू श्याम बाबा के जयकारे गूंजते रहे। निशान यात्रा में मोर पंख और श्रीकृष्ण की आकर्षक कृति से सजे रंग-बिरंगे 2100 निशान भी दिखे। भक्त निशानों को हाथ में लेकर पैदल ही चल रहे थे। खाटू श्याम के दीवाने भक्त बाबा के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। हाथों में निशान लेकर चलने वालों में महिला भक्तों की संख्या अधिक थी। समापन के साथ निशानों को श्याम बाबा को समर्पित किया गया। खाटू श्याम की निशान यात्रा को लेकर मीनाक्षी पुल से लेकर क्वार्सी चौराहे तक जाम लगा रहा। इससे वाहनों की लंबी कतारें सड़क के दोनों ओर लगी रहीं। हालांकि यात्रा के दौरान पुलिस ने भारी वाहनों को रास्ते में ही रोक दिया था। इसके बाद भी घंटों जाम लगा रहा। यातायात पुलिस कर्मी कड़ी मशक्कत के बाद लगे जाम को खुलवा सके।
मुझे अपने ही रंग में रंग ले, मेरे श्याम सांवरे....
श्याम बाबा के भजनों की शुरुआत मयंक अग्रवाल ने की। जैसे ही मंच पर सुप्रसिद्ध भजन गायिका साध्वी पूर्णिमा दीदी पहुंची तो भक्त अपने स्थान पर खड़े होकर झूमने -गाने लगे। उन्होंने श्याम भजनों से ऐसा समां बांधा कि श्याम जी के जयकारों से सारा वातावरण गुंजायमान हो उठा। उन्होंने तेरा दीदार हो जाए..., सारे तीर्थ धाम आपके चरणों में...आदि सुनाकर माहौल को भक्तिमय कर दिया और पंडाल में बैठे दर्शकों को झूमने पर विवश कर दिया। प्रसिद्ध भजनों के जरिए श्याम भक्त भक्ति भावना में बह गए। पूर्णिमा दीदी यहीं नहीं रुकी उन्होंने मुझे अपने ही रंग में रंग ले, मेरे श्याम सांवरे...., ऐसा रंग तू रंग दे सांवरिया उतरे न जनम जनम तक ..., मुकुट सिरमौर का...ओ सांवरे ओ प्राण प्यारे..., आना जी मेरे घर आना मेरे बांके विहारी..., मेरे चिंतन में आके बसो लाड़ली..., मैं जहां भी रहूं बरसाना मिले..., श्यामा प्यारी मेरे साथ है..., चल मन बरसाने.., श्याम मोरे नैनन आगे रहियो... चाहत में हमने श्याम की... आदि भजनों के माध्यम से धूम मचाई। इसके बाद तो उन्होंने एक के बाद एक सुपरहिट भजन गाए जिन पर श्रोता देर रात तक झूमते रहे। इससे पहले भजन संध्या का सांसद सतीश गौतम ने दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया।
इनका रहा सहयोग
श्याम परिवार मित्र मंडल के गनेश वार्ष्णेय, सचिन गर्ग, तिलक गुप्ता, करन वार्ष्णेय, शुभ, हर्षित गोयल, मनीष महाजन, शुभांशु रोहतगी, ऋषभ गुप्ता, विवेक गौतम, कुश गुप्ता आदि शामिल थे।