ईको टूरिज्म (पारिस्थितिकी पर्यटन) को बढ़ावा देने के लिए शेखा झील को पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन डेस्टिनेशन’ (ओडीओडी) कार्यक्रम तैयार किया है। इसके तहत प्रदेश के हर जिले में ऐसी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं, जहां ईको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा सके।
अभी तक प्रदेश के 56 जिलों का इस योजना के तहत चयन किया गया है। इसमें कस्बा जलाली स्थित शेखा झील को भी चिन्हित किया गया है। इसके अलावा मंडल के हाथरस के नगला शेख वेटलैंड, कासगंज में चंदनपुरी घटियारी बायो डायवर्सिटी पार्क का चयन किया गया है। ऐसा होने से यहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि इन स्थलों को आपस में जोड़ने पर ये पिकनिक स्पॉट के रूप में पर्यटकों को अपनी ओर लुभा सकेंगे।
साइबेरियन पक्षियों का रहता है डेरा
जीटी रोड पर पनैठी-गंगीरी मार्ग पर स्थित शेखा झील में सर्दी के दिनों में साइबेरियन पक्षियों का डेरा रहता है। झील का क्षेत्रफल करीब 500 बीघा है। वर्ष 1996 में इस झील को प्रशासन ने अपनी देख रेख में लिया था। वर्ष 2003 में बसपा शासनकाल में इसे स्थानीय झील का दर्जा मिला था। वर्ष 2016 में सपा शासनकाल में पर्यावरण चेयरमैन रहे पूर्व मंत्री ख्वाजा हलीम के प्रयासों से इस झील को राष्ट्रीय पक्षी विहार घोषित किया गया था।
बुनियादी सुविधाओं में होगी बढ़ोत्तरी
पर्यटन स्थल के रूप में चयनित स्थलों पर बुनियादी सुविधाएं विश्राम कक्ष, सड़क, बिजली, पानी, शौचालय आदि के अलावा पर्याप्त सुरक्षा के इंतजाम और बेहतर किए जाएंगे। आवागमन के लिए बेहतर मार्ग एवं वाहनों के आवागमन की व्यवस्था की जाएगी।
शेखा झील को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और यहां बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने प्रयास शुरू किए हैं। इससे न केवल यहां पर्यटन क्षेत्र विकसित होगा बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा । बच्चे भी परिजनों के साथ पिकनिक स्पॉट का आनंद उठा सकेंगे।
- दिवाकर वशिष्ठ, प्रभागीय वन अधिकारी