महानगर के बन्नादेवी क्षेत्र के रघुवीरपुरी सराय लवरिया स्थित नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर बगीची/धर्मशाला पर प्रभुत्व से जुड़ा पुराना विवाद बुधवार को निपट गया। यहां निर्माण करा रहा भाजपा समर्थित पक्ष अपने दस्तावेज दिखाने में सफल रहा।
जिनके सत्यापन के बाद निर्माण की अनुमति दे दी गई, जबकि बसपा समर्थित पक्ष एसडीएम को कागज नहीं दिखा सका। हालांकि एसडीएम ने उन्हें अभी कुछ दिन और मौका दिया है। वे दस्तावेज दिखा सकते हैं। इधर, मंगलवार रात हुए विवाद के बाद बुधवार को दिन भर बगीची पर पुलिस-पीएसी तैनात रही और अधिकारी जायजा लेते रहे।
दीवार निर्माण के चलते मंगलवार देर शाम हुए विवाद के बाद बुधवार सुबह से ही वहां दोनों पक्ष जुटने लगे थे। एक तरफ भाजपा समर्थित निर्माण करा रहे पक्ष ने मजदूर बुला लिए और बसपा समर्थित दूसरे पक्ष ने विरोध शुरू कर दिया। इसी बीच पुलिस प्रशासन ने पहुंच वहां काम रुकवा दिया और दोनों पक्षों को दस्तावेज सहित तहसील बुलाया।
यहां एसडीएम कोल के समक्ष भाजपा समर्थित पक्ष ने अपने दस्तावेज पेश किए, जबकि बसपा समर्थित पक्ष निर्माण विरोध कर रहे लोग कोई दस्तावेज नहीं दे सके। जो दस्तावेज दिए गए, उनके अनुसार 1948 में बनी धर्मशाला समिति का नाम लाला फकीर चंद छीतरमल वैश्य समाज उल्लेखित था। समिति के नवीनीकरण के साक्ष्य भी पेश किए गए।
इस आधार पर एसडीएम कोल ने अपनी रिपोर्ट एडीएम सिटी को सौंपी गई, जिसके आधार पर इस पक्ष को निर्माण की अनुमति दे दी गई। साथ में दूसरे पक्ष से कहा गया कि वह अभी भी दस्तावेज पेश कर सकता है। इंस्पेक्टर बन्नादेवी के अनुसार दोनों पक्षों में शांति बनी रहे। इसलिए वहां फोर्स तैनात है। मुकदमा के लिए किसी पक्ष से तहरीर नहीं आई। प्रशासन स्तर से निर्णय लिया गया है।
- निर्माण करा रहे पक्ष ने दस्तावेज पेश किए हैं। दूसरे पक्ष को अभी समय दिया गया है। मौके पर शांति बनी रहे। यह व्यवस्था रखी जा रही है। - संजीव ओझा, एसडीएम कोल