एडीजे-12 सिद्धार्थ सिंह की अदालत ने दुष्कर्म के दोषी को सात वर्ष कैद व जुर्माने की सजा से दंडित किया गया है। 14 वर्ष पुराने मुकदमे में यह फैसला सुनाया गया है। अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी प्रमेंद्र जैन के अनुसार घटना 13 अक्तूबर 2008 की है।
वादी मुकदमा के अनुसार उसकी 15 वर्षीय बेटी को नामजद भूदेव शर्मा निवासी अकराबाद ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले में मुकदमा व बरामदगी के बाद बयान के आधार पर पुलिस ने चार्जशीट दायर की, जिसमें साक्ष्यों व गवाही के आधार पर दोषी को सात वर्ष कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
गांजा तस्करी में दस वर्ष की सजा
टप्पल में वर्ष 2016 में पकड़े गए गांजा तस्कर को न्यायालय ने दस वर्ष की सजा सुनाई गई है। यह फैसला एडीजे विशेष एनडीपीएस प्रवीन कुमार पांडेय की अदालत से सुनाया गया है। अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी रामकुमार के अनुसार 31 मई 2016 को पुलिस गश्त के दौरान यमुना एक्सप्रेस वे पर एक गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी।
इस पर पुलिसकर्मी उसमें सवार लोगों को बचाने के लिए दौड़े तो उसमें से तीन लोग उतरकर भागे। जिनमें से दो को पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम संजय ठाकुर निवासी लाल कुआं गाजियाबाद मूल निवासी मुजफ्फरनगर व कुलदीप निवासी मोऊपुर कौशांबी गाजियाबाद मूल निवासी उन्नाव बताए।
भागने की वजह पूछी तो गाड़ी में गांजा होना स्वीकारते हुए बताया कि वे उड़ीसा से तस्करी कर माल नोएडा ले जा रहे हैं। तीसरे भागे साथी का नाम भी बताया। गाड़ी से 39.500 किलो गांजा बरामद हुआ। इस मामले में जांच आदि के बाद मुकदमा दर्ज कर चार्जशीट दायर की गई। न्यायालय में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर संजय ठाकुर को दोषी मानते हुए दस वर्ष सजा व 1 लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया है।