इकराम वारिस, अलीगढ़।
जिस इदारे ने दो-दो भारत रत्न, कई राष्ट्रों को प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति दिए। जहां से पढ़े कई लोगों पद्मश्री, पद्म विभूषण और पद्म भूषण के खिताब मिले हों। इल्म और हुनर की इस टकसाल में अब अपराधियों की तलाश जारी है। ऐसे हालात पूरी दुनिया में तालीम के लिए मशहूर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) की शान के खिलाफ माने जा रहे हैं। बुद्धिजीवियों ने इस पर चिंता का इजहार किया है।
एएमयू में अर्थशास्त्र विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर आरिफ अली कहते हैं कि पहले के मुकाबले एएमयू की प्रतिष्ठा में कमी आई है। अब यहां कई बार अराजकता भी देखने को मिल रही है। पूर्व छात्र डॉक्टर रक्षपाल सिंह कहते हैं कि इस प्रतिष्ठित संस्थान में पढ़ना-पढ़ाना अनगिनत लोगों का ख्वाब होता है।
इसके संस्थापक सर सैयद अहमद खान को एक वली (संत) का दर्जा हासिल है। उनके मयार (सम्मान) को केवल छात्र और शिक्षक ही कायम रख सकते हैं। उन्हें ऐसे मुट्ठी भर लोगों से निबटना होगा, जो एएमयू की साख को बट्टा लगाने के फिराक में हैं। इसी इदारे ने देश को एक वक्त में एक-दो नहीं, बल्कि 17 आईएएस दिए हैं।
एएमयू के खैरख्वाह अगर चेते नहीं, तो 147 साल की मेहनत जमींदोज हो सकती है। कहीं न कहीं इसकी शुरुआत हो चुकी है, तभी तो एएमयू में अपराधियों की तलाश के लिए पुलिस विभाग को दोबारा पत्र भेजना पड़ रहा है। एएमयू के वीमेंस पॉलिटेक्निक के पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर शमीम अहमद कहते हैं कि अगर एएमयू में अपराधी तत्व हैं तो उनकी पहचान की जाए।
उन्हें निकाला जाए। इसके लिए हर मुमकिन तरीका अपनाया जाए। एएमयू इंतजामिया और जिला प्रशासन को मिलकर अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को एएमयू से बाहर का रास्ता दिखाना होगा।
इन्होंने एएमयू की बढ़ाई शान
भारतरत्न
डॉ. जाकिर हुसैन (1963)
खान अब्दुल गफ्फार खान (1983)
पद्मविभूषण
डॉ. जाकिर हुसैन (1954)
हाफिज मोहम्मद इब्राहिम (1967)
सैयद बशीर हुसैन जैदी (1976)
प्रो. आबिद सिद्दीकी (2006)
प्रो. राजा राव (2007)
प्रो. एआर किदवई (2010)
इसके अलावा एएमयू से जुड़े आठ लोगों को पद्मभूषण और 50 लोगों को पद्मश्री पुरस्कार मिल चुके हैं।
शेख मोहम्मद अब्दुल्लाह (1964)
प्रो. सैयद जहूर कासिम (1982)
प्रो. आले अहमद सुरुर (1985)
नसीरुद्दीन शाह (2003)
प्रो. इरफान हबीब (2005)
कुर्रातुल एन हैदर (2005)
जावेद अख्तर (2007)
डॉ. अशोक सेठ (2014)
पद्मश्री
विश्वविद्यालय के 50 से ज्यादा पूर्व छात्र-छात्राओं को
ज्ञानपीठ
कुर्रतुलऐन हैदर (1989)
अली सरदार जाफरी (1997)
प्रो. शहरयार (2008)
सुप्रीम कोर्ट के जज
जस्टिस बहारुल इस्लाम
जस्टिस सैयद मुर्तजा फजल अली
जस्टिस एस. सगहीर अहमद
जस्टिस आरपी सेठी
हाईकोर्ट 47 जज
-एएमयू के पूर्व छात्र भारत के राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन, लियाकत अली खान पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली खान बने। बांग्लादेश के पूर्व प्रधानमंत्री मंसूर अली, मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद आमीन दीदी।
ये भी रहे छात्र
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा, अब्दुल्ला शेख मोहम्मद, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, राही मासूम रजा, शकील बदायूंनी आदि।