अचलेश्वर महादेव मंदिर में महादेव का अभिषेक करते बच्चे।
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सावन मास में भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता है कि भोलेनाथ का जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है और जीवन के सारे कष्ट और दुखों का नाश होता है। इसी मान्यता को लेकर सावन के तीसरे सोमवार को रात 12 बजते ही शिव भक्तों की कतारें शिवालयों व मंदिरों में लग गई।
यहां भक्तों का उत्साह बस देखते ही बन रहा था। बोल बम के जयकारों एवं घंटे-घड़ियाल से मंदिर परिसर गूंज रहे थे। लोधा के श्री खेरेश्वर धाम मंदिर, रामलीला मैदान के अचलेश्वर महादेव मंदिर एवं जयगंज के मंगलेश्वर मंदिर को श्रद्धालुओं ने मनोहारी तरीके से सजाया था। इस दौरान मंदिरों में शिव भक्तों की लंबी कतारें शिव परिवार के दर्शनों के लिए लगी रहीं। उन्होंने भोलेनाथ की श्रद्धाभाव से पूजा की और दूध व गंगाजल चढ़ाकर बाबा का अभिषेक किया। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए शहर के सभी प्रमुख मंदिरों के अलावा गभाना स्थित श्री सिद्धनाथ भुमियां बाबा आश्रम पर भी अतिरिक्त पुलिस बल एवं मजिस्ट्रेट की दो पालियों में तैनाती की गई है। एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए शहर में भारी वाहनों के आने-जाने पर रोक जारी रहेगी ।