शहीद जवान योगेंद्र को सलामी देते पुलिसकर्मी। संवाद
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गांव छौंड़ा निवासी एक बीएसएफ जवान 42 वर्षीय योगेंद्र भारद्वाज की कुरुक्षेत्र के पास हाईवे पर हादसे में जान चली गई। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार वालों में कोहराम मच गया, वहीं पूरा गांव शोक में डूब गया। सोमवार की सुबह गांव में उनके शव का अंतिम का संस्कार किया गया।
गांव छौंड़ा निवासी योगेंद्र भारद्वाज पुत्र लेखराज भारद्वाज बीएसएफ में हेड कांस्टेबल के पद पर राजस्थान के जैसलमेर में तैनात थे। शनिवार को जम्मू-कश्मीर में अपना काम समाप्त कर दिल्ली जा रहे थे। दिल्ली के लिए बस न मिलने पर वह कुरुक्षेत्र की बस में बैठ गए। कुरुक्षेत्र में बस से उतरकर दिल्ली जाने के लिए हाईवे पर वह वाहन की तलाश में थे, तभी अज्ञात वाहन उन्हें टक्कर मारकर निकल गया। इससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसा होते ही राहगीरों की भीड़ लग गई।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने उनकी वर्दी पर लिखे नाम आदि के जरिए बीएसएफ बटालियन को सूचना दी। इस पर बीएसएफ की एक टीम मौके पर पहुंच गई। उनके जरिए परिवार को हादसे की खबर मिली। उनका शव गांव पहुंचते ही हर तरफ मातम छा गया। पत्नी पिंकी देवी समेत 13 वर्षीय पुत्र यश भारद्वाज व 18 वर्षीय बेटी पलक समेत परिवार वालाें का रो-रोकर बुरा हाल था।
13 वर्षीय पुत्र यश ने दी मुखाग्नि
बीएसएफ जवान योगेंद्र भारद्वाज के 13 वर्षीय पुत्र यश भारद्वाज ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। वहीं बीएसएफ के जवानों ने सैन्य सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई दी। वहीं इस घटना से दुखी गांव के लोगों के घरों पर चूल्हे तक नहीं जले। एसडीएम अंजलि गंगवार, सीओ सुरेंद्र सिंह, क्राइम प्रभारी जोगिंदर सिंह, कानूनगो, लेखपाल मोहसिन खां भी अंतिम विदाई देने पहुंचे।