डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने कहा है कि जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देशित किया है कि वे उर्वरक विशेषकर डीएपी, एनपीके फॉस्फेटिक उर्वरकों के वितरण पर विशेष निगरानी रखने के लिए लेखपालों के माध्यम से खतौनी एवं आधार कार्ड लेकर बिक्री कराएं। कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कृषि अधिकारी एवं एसडीएम के साथ बैठक की।
डीएम ने जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित किया कि प्रत्येक दिन डीएपी एवं एनपीके उर्वरकों की तहसीलवार लिस्ट तैयार कर संबंधित एसडीएम को उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने कहा कि जनपद में उर्वरकों की शत- प्रतिशत बिक्री पीओएस मशीन से ही सुनिश्चित की जाए। पीओएस मशीन से बिक्री न करने वाले डीलरों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में कड़ी कार्रवाई की जाए।
डीएम ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि क्षेत्रीय लेखपालों की उर्वरक वितरण के दौरान ड्यूटी लगाई जाए। जो खतौनी में अंकित भूमि के विवरण के अनुसार आधार कार्ड के माध्यम से निर्धारित उर्वरक की अपनी देखरेख में बिक्री कराएं। डीएम ने किसान भाइयों को आश्वस्त किया कि जनपद में वर्तमान में पर्याप्त मात्रा में यूरिया, डीएपी, उर्वरकों की उपलब्धता निजी एवं सहकारी क्षेत्रों में में बनी हुई है।
उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार पीओएस मशीन से उर्वरक प्राप्त कर लें। यदि कोई उर्वरक विक्रेता बोरे पर छपे हुए खुदरा मूल्य से अधिक धनराशि की मांग करता है अथवा उर्वरक के साथ कोई अन्य उत्पाद टैग करता है तो उसकी शिकायत जिला कृषि अधिकारी या उनके कार्यालय में दर्ज करा सकते हैं।
जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह ने उर्वरक व्यवसायियों को निर्देशित किया कि विभिन्न उर्वरकों के लिए नियत मूल्य पर ही उर्वरक की बिक्री नियमानुसार कृषक की जोत के अनुसार पीओएस मशीन से बिक्री करते हुए प्रत्येक कृषक को कैश रसीद अवश्य उपलब्ध कराएं, जिसमें कृषक की पहचान का विवरण भी अंकित किया जाए। प्रतिष्ठान पर रेट बोर्ड, स्टाक बोर्ड अवश्य प्रदर्शित करें, जिसमें स्पष्ट रूप से तिथिवार स्टाक एवं रेट का अंकन होना जरूरी है।