केके अस्पताल के बाहर तैनात पुलिसकर्मी। अमर उजाला
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महानगर के रामघाट रोड इलाके के केके नर्सिंग होम में बुधवार देर रात मरीज की मौत पर भड़के परिजनों ने हंगामा कर दिया। इस दौरान काउंटर का शीशा तोड़ दिया। अस्पताल के सामने कार में शव रखकर हंगामा किया। बाद में पुलिस ने पहुंचकर किसी तरह विवाद शांत कराया। सीसीटीवी में परिजन ईंट फेंकते कैद हुए हैं, जिसके आधार पर देर रात तहरीर लिखी जा रही थी।
परिवार का आरोप है कि क्वार्सी बाईपास की इंजीनियरिंग कालोनी के 80 वर्षीय मुंशीलाल को यहां भरती कराया गया। शुरुआत में बीमारी स्पष्ट नहीं की गई। बाद में जब परिजनों ने जोर दिया तो फेंफड़ों में संक्रमण बताते हुए इलाज करना बताया। इसके बाद गले के ऑपरेशन की बात कही। परिवार की सहमति पर ऑपरेशन के बाद मंगलवार दोपहर बुजुर्ग को छुट्टी देकर घर भेज दिया गया। छुट्टी के समय परिवार यह कहता रहा कि अभी पूरी तरह ठीक नहीं हैं। मगर परिवार की बात बिना सुने बुजुर्ग की छुट्टी कर दी। अब बुधवार रात तबियत बिगड़ने पर परिजन लेकर गए तो डॉक्टरों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। इस पर बिफरे परिवार ने हंगामा करते हुए तोड़फोड़ कर दी। इस सूचना पर पहुंची पुलिस ने जैसे तैसे मामला शांत किया। इंस्पेक्टर क्वार्सी संजय जायसवाल के अनुसार सीसीटीवी देखने से साफ है कि बुजुर्ग को अस्पताल के अंदर नहीं ले जाया गया। बाहर ही डॉक्टर ने देखकर मृत बताया। इसके बाद ईंट फेंककर तोड़फोड़ की गई है। अस्पताल की ओर से तहरीर दी जा रही है। इधर, संचालक डॉ.केके वार्ष्णेय की ओर से बताया गया कि हमने सही सलामत छुट्टी की थी। अब उन्हें मृत लाया गया था। बाहर ही देखकर सही बात बता दी तो यह लोग आक्रामक हो गए। किसी तरह स्टाफ ने खुद को बचाया।