महिला की मौत पर अस्पताल में हंगामा
अलीगढ़ (ब्यूरो)। सारसौल इलाके के एक नर्सिंग होम में महिला की ऑपरेशन के बाद मौत पर परिजन भड़क गए। लाश को परिजन गांव से देर रात वापस ले आए और पहले नर्सिंग होम पर हंगामा किया। इसके बाद सुबह शव लेकर एसएसपी दफ्तर पहुंच गए। जहां एसएसपी से मुलाकात के बाद शव का पोस्टमार्टम कराना तय हुआ। देर शाम पोस्टमार्टम में स्थिति स्पष्ट होने पर शव परिजन साथ ले गए। इधर, डॉक्टर के खिलाफ बन्नादेवी थाने में तहरीर दी गई है, जिस पर पुलिस जांच जारी है। वाकया कुछ इस तरह है कि खैर के गांव कुंजगढ़ी निवासी स्व. वीरपाल की बेटी मुनेश देवी (40) कई साल पहले पति से हुए विवाद के चलते तीन बेटों के साथ मायके में ही रह रही थी। सोमवार दोपहर उसके पेट में दर्द पर परिजन उसे सारसौल स्थित जीवन ज्योति नर्सिंग होम लेकर आए। जहां डॉक्टर ने जांच के बाद पथरी की शिकायत पर पित्त की थैली में ऑपरेशन तय किया। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के लिए मुनेश देवी को दूसरी जगह ले जाया गया। इसके कुछ देर बाद उसे कपड़ों में लपेटकर लाया गया कि ऑपरेशन नहीं हो पाया, उससे पहले ही हृदयाघात से उसकी मौत हो गई। इस पर परिजन शव को अपने साथ गांव ले गए। जहां अंतिम संस्कार से पहले की प्रक्रिया के दौरान शरीर पर चीर फाड़ के निशान देखे तो परिजन भड़क गए। किसी डॉक्टर को दिखाया तो उसने परिजनों को गुमराह कर दिया। इस पर रात डेढ़ बजे परिजन शव वापस ले आए और नर्सिंग होम पर हंगामा किया। इसके बाद पुलिस ने समझा-बुझाकर शांत कर दिया और जांच व कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद सुबह शव को एसएसपी दफ्तर लेकर पहुंच गए। जहां एसएसपी से मुलाकात की जिद पर अड़े रहे। एसएसपी से मुलाकात के बाद तय हुआ कि शव का पोस्टमार्टम कराया जाए। दो डॉक्टरों के पैनल में डॉ. केके शर्मा व डॉ. पी कुमार ने पोस्टमार्टम किया। जिसमें साफ हुआ कि पित्त की थैली का ऑपरेशन हुआ था। इसके सिवाय कुछ नहीं। तब परिजन शव ले गए। तहरीर के आधार पर जांच जारी है। परिजनों ने महिला की किडनी निकालने का भी आरोप लगाया, लेकिन पोस्टामार्टम रिपोर्ट से यह आरोप गलत साबित हुआ।