शनिवार की रात गांव नगलाबरी संत नगरिया में चितरौली रोड स्थित हनुमान आश्रम (मंदिर) में बदमाशों ने दो साधुओं को पीटा और रस्सी से बांधकर एक ओर डाल दिया। इसके बाद मंदिर की कोठरी में रखे 60 हजार रुपये सहित सामान लेकर भाग निकले। रविवार की सुबह लोग मंदिर में पहुंचे तब घटना की जानकारी हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों साधुओं को रस्सी खोलकर बंधन मुक्त कराया। साधुओं की ओर से पांच लोगों के विरुद्ध नामजद तहरीर दी गई है।
संत मुरारीलाल व संत रतन गिरी निवासी नगलाबरी के अनुसार शनिवार की रात करीब दो बजे बदमाश देवेंद्र पुत्र बीरी सिंह, राकेश पुत्र रामभरोसे, पंकज पुत्र देवेंद्र, तहसीलदार पुत्र रुस्तम सिंह और सतीश पुत्र रामजीत निवासी नगलाबरी हनुमान आश्रम (मंदिर) में धमके। यह मंदिर गांव से बाहर करीब एक किलोमीटर दूर है। आते ही आरोपियों ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद रस्सी से हाथ-पैर बांधकर बांधकर एक ओर डाल दिया। झोली से चाबी निकालकर मंदिर की कोठरी में रखे 60 हजार रुपये, साउंड सिस्टम, हारमोनियम बाजा और बैटरी आदि लूटकर ले गए।
साधुओं के अनुसार लूटा गया रुपया मंदिर में कमरा बनाने के लिए एकत्र किया था। प्रधानमंत्री आवास के तहत 40 हजार रुपये की पहली किश्त में ईंटें मंगवा ली थी।
गांव में पार्टीबंदी का मामला मान रही पुलिस
उधर थाना पुलिस इस घटना को गांव नगलाबरी में पार्टीबंदी से जोड़कर देख रही है। दरअसल नगलाबरी निवासी देवेंद्र कुमार ने ग्राम प्रधान और उनके तहेरे भाई के खिलाफ पिटाई करने और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने की रिपोर्ट दर्ज करा रखी है। देवेंद्र कुमार के अनुसार 21 जुलाई की सुबह 10 बजे ग्राम प्रधान वकील फौजी व रवेंद्र कुमार आठ-दस लोगों के साथ उनके दरवाजे पहुंचे थे और गाली-गलौज करते हुए जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया था। इसका कारण उन्होंने प्रधान से मजदूरी का रुपया मांगना बताया था। कहा कि प्रधान रुपये देने में टालमटोल कर रहे थे। अब हनुमान आश्रम (मंदिर) में हुई लूट में देवेंद्र कुमार नामजद आरोपी बनाए गए हैं। थाना प्रभारी का कहना है कि शनिवार रात की बताई जा रही घटना पार्टीबंदी का मामला है। ग्राम प्रधान ने षणयंत्र कराकर साधुओं के जरिये तहरीर दिलवाई है। मामला संदिग्ध है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।