एसएसपी के अनुसार पूछताछ में दोनों ने स्वीकारा कि हरेंद्र इस घटना का मास्टर माइंड है। उसके महिला से संबंध थे। दोनों नोएडा में ही मिलते थे। इसी बीच उन्होंने बड़ी लूट प्लान की। इसी बीच कासगंज के चांदी बाजार में लूट के इरादे से रेकी शुरू की। इसके लिए उसने अपने जेल के दोस्त प्रवेश, नाजिर और प्रवेश के दोस्त देवा को साथ लिया। छह अक्तूबर को वे खाली हाथ लौट गए।
रात में सिकंदराराऊ आकर रुके। इसी दौरान 7 अक्तूबर को उन्हें पुनीत गोयल को देख लिया। रेकी करते हुए अकराबाद में आकर लूट लिया। इस घटना के बाद वे छिपने के लिए बुलंदशहर व नोएडा पहुंचे। इधर, नाजिर व शांति देवी को लूटा गया माल बेचने के लिए लगाया गया। मगर जहां भी वे गए और माल बंधेल का बताया तो उनका माथा ठनका।
हालांकि उन्हें उम्मीद थी कि इस घटना के बाद लूट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मगर अब माल की कीमत न मिलने पर वे परेशान घूम रहे थे। पूछताछ में उजागर हुआ कि नाजिर दिल्ली में सिलाई का काम करता था। दोस्ती में इनके द्वारा धन कमाने के इरादे से लूट करना तय किया। अब इस मामले में दो आरोपी फरार हैं। वहीं पुलिस हरेंद्र को रिमांड पर लेने की तैयारी में है।
पिछले 9 दिन में पुलिस टीमों ने 200 से ज्यादा सीसीटीवी खंगाले। उसी मदद से यह तथ्य सामने आए। हरेंद्र के समर्पण पर सुराग आगे बढ़ा। पुलिस ने दो आरोपी गिरफ्तार किए हैं। घटना के खुलासे पर पुलिस की टीम को 25 हजार के इनाम की घोषणा की गई है। -कलानिधि नैथानी, एसएसपी