रक्षाबंधन पर शुक्रवार को महिलाओं को वाहनों की कमी बेहद खली। ट्रेनों और रोडवेज बसों में यात्रियों की काफी भीड़ रही। बसों व ट्रेनों में सीटों के लिए मारामारी रही। दावे के अनुसार परिवहन निगम बसों का संचालन नहीं करा सका। इससे लोग वाहनों के इंतजार में घंटों भटकते रहे।
रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ पाने के लिए महिलाएं खासी परेशान रहीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार की रात 12 बजे से शुक्रवार रात 12 बजे तक रोडवेज बसों में बहनों को मुफ्त यात्रा कराने की घोषणा की थी। इसके बाद भी पर्याप्त बसें न चलने से बहनों और भाइयों को यात्रा के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ी। दिल्ली से अलीगढ़ आने वाली अधिकांश बसों में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। आगरा, मथुरा, कासगंज, हाथरस, एटा, इटावा, कानपुर, मुरादाबाद, बरेली, नोयडा, बल्लभगढ़, फरीदाबाद जाने वाले यात्री बसों के लिए गांधीपार्क, मसूदाबाद एवं सारसौल सेटेलाइट बस स्टैंड पर घंटों भटकते रहे। अतरौली, इगलास, गभाना, खैर आदि समेत तमाम लोकल रूटों पर भी बसों की बेहद कमी बनी रही।
रोडवेज की क्षेत्रीय प्रबंधक शारदा सिंह ने बताया कि बुधवार से लेकर शुक्रवार रात 10 बजे तक करीब 80 हजार से अधिक महिलाओं ने यात्रा की। इन्हें करीब 45 लाख रुपये की मुफ्त यात्रा कराई गई। सही स्थिति शनिवार को सभी बसों के वापस आने और पूरा लेखा-जोखा तैयार होने पर पता चल सकेगा।
ट्रेनों में भी नहीं मिली जगह
बसों की तरह ट्रेनों में भारी भीड़ रही। दिल्ली कानपुर रूट पर सुपरफास्ट, मेल, एक्सप्रेस के अलावा पैसेंजर ट्रेनों में यात्रियों की काफी भीड़ देखने को मिली। ट्रेनों में न तो कंफर्म टिकट मिली और न ही उनमें कोच बढ़ाए गए। रेलवे ने इस बार दिल्ली-अलीगढ़ रूट पर स्पेशल ट्रेन भी नहीं चलवाई। न ही पैसेंजर ट्रेनों के फेरे बढ़ाए गए थे। ऐसे में यात्रियों का सफर बेहद कष्टदायी बना रहा। ट्रेनों में जगह न मिलने पर उन्हें मजबूर होकर दूसरे वाहनों का सहारा लेना पड़ा। इसका डग्गामार वाहन संचालकों ने खूब फायदा उठाया और मनमाना किराया वसूला।