मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन के विरोध में चल रहा आंदोलन नए साल के पहले दिन मुखर हो गया। 1 जनवरी को इस आंदोलन को रोडवेज और निजी बस चालकों का भी साथ मिला। रोडवेज बस चालकों ने चक्का जाम कर दिया।
कार्यशाला से करीब 70 बसें मार्ग पर नहीं जा सकीं। कार्यशाला में रोडवेज बस चालकों ने कानून का पुतला जलाया। जिले में जगह-जगह वाहन चालकों ने जाम लगाकर प्रदर्शन किया। यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन का 1 जनवरी सुबह से विरोध शुरू हो गया। सुबह से ही रोडवेज बसों का संचालन ठप रहा। जिले के लगभग सभी मार्गाें पर चलने वाली निजी बसों के चालक भी विरोध में शामिल हो गए।
इस कारण निजी वाहन भी सड़कों पर नहीं दौड़े। जनपद भर में आवागमन के लिए तमाम यात्री परेशान रहे। कई माल वाहक वाहनों ने भी माल की लोडिंग-अनलोडिंग भी नहीं की। सासनी, सिकंदराराऊ और सादाबाद आदि कई जगहों पर वाहन चालकों ने प्रदर्शन कर काले कानून का विरोध किया। जगह-जगह वाहन खड़े किए जाने से जाम लगा रहा।