दिव्यांग प्रमाण पत्र पाने के लिए काफी समय से परेशान महेश ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट में डीएम इंद्र विक्रम सिंह से मिलकर अपनी व्यथा बताई। इस पर डीएम ने तत्काल सीएमओ से बात कर ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी करने का आदेश दिया। इसके बाद अपने वाहन चालक चंद्रशेखर को बुलाकर सरकारी वाहन से महेश को सीएमओ दफ्तर भेजा। सीएमओ कार्यालय से 20 मिनट में ही सारी औपचारिकताएं पूरी कर ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।
तहसील खैर क्षेत्र के ऐदलपुर निवासी 30 वर्षीय महेश आंखों से दिव्यांग हैं। बृहस्पतिवार को वह अपनी मां के साथ डीएम इंद्र विक्रम सिंह से मिलने पहुंचे। बताया कि उनके पास विभाग से जारी हाथ से बना दिव्यांगजन प्रमाण पत्र है, लेकिन वह ऑनलाइन नहीं है। इससे सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा। यात्रा करने पर रोडवेज के बस परिचालक ऑनलाइन प्रमाण पत्र की मांग करते हैं। कई बार परिचालकों ने बस में नहीं बिठाया तो कई बार रास्ते में उतार दिया। महेश की हालत देखकर डीएम को उस पर दया आ गई। इसके बाद 20 मिनट में उसका ऑनलाइन प्रमाण पत्र बन गया तो मां-बेटे के चेहरे पर खुशी का ठिकाना न रहा।